रांची की ये लड़की पिछले एक साल से आवारा कुत्तों को खिला रही खाना, उनके इलाज का भी करती है प्रबंध
रांची की रहने वाली 25 वर्षीया आर्ची सिंह रोजाना करीब 200 से ज्यादा सड़क के आवारा कुत्तों को भोजन कराती हैं। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं आर्ची ने इस नेक काम की शुरूआत पिछले साल लगे लॉकडाउन से ही की। जब उन्होंने सड़क पर टहलने वाले कुत्तों को भूखा देखा।
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रांची की रहने वाली आर्ची सेन पिछले एक साल से सड़क के आवारा कुत्तों को खाना खिला रही हैं। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं 25 वर्षीया आर्ची रोजाना करीब 200 कुत्तों को खाना खिलाती हैं। उनका ये सिलसिला पिछले साल से ही चल रहा है। जब से लॉकडाउन लगा था। आर्ची ना केवल इस बात का ध्यान रखती हैं कि कोई कुत्ता भूखा ना रहे बल्कि वो इनके वैक्सीनेशन और इलाज का भी इंतजाम करती हैं। आर्ची बताती हैं ये सिलसिला मोहल्ले के दो-तीन कुत्तों के साथ शुरू हुआ। अब वो लगभग दो सौ कुत्तों तक पहुंच चुका है। आर्ची ने लगभग 50 पानी के बर्तनों का इंतजाम अलग-अलग जगहों पर कुत्तों के लिए किया है।
यहीं नहीं आर्ची इन कुत्तों के लिए ऐसे कॉलर बेल्ट का भी इंतजाम करती हैं। जो रात को रिफ्लेक्टिव हों और इन्हें किसी भी तरह की सड़क दुर्घटना से बचने में मदद कर सके। रात के अंधेरे में कई कुत्ते गाड़ी के नीचे आकर दब जाते हैं। जिसकी वजह से उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में आर्ची का ये नेक काम इन कुत्तों की जिंदगी भी बचा रहा है। उन्होंने करीब 150 कुत्तों को इस तरह के रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट लगा रखे हैं।
आर्ची का कहना है कि ज्यादातर कु्त्ते सड़क पर पड़े खाने को खाकर जिंदा रहते हैं। ऐसे में लॉकडाउन के समय सड़कों पर पसरा सन्नाटा इनके लिए खाने की कमी भी लेकर आया। आर्ची ने पहले चार पैकेट बिस्कुट लेकर खिलाए। लेकिन ये तुरंत ही खत्म हो गए। ऐसे में वो और भी ज्यादा बिस्कुट के पैकेट लाने लगीं। इतने सारे बिस्कुट के पैकेट भी तुरंत ही खत्म हो जाते थे। ऐसे में आर्ची ने उन्हें खाना खिलाना शुरू किया। लेकिन वो ये काम ज्यादा लंबे समय तक नहीं कर सकती थीं क्योंकि इसके लिए पैसों की जरूरत थी। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर पेज बनाया स्ट्रीट डॉग फॉर रांची। जिसमे वो लोगों से दान देने की अपील करती थीं जो सच में जानवरों को प्यार करते हैं। बहुत सारे लोगों ने आगे बढ़कर मदद की और दो सौ से ज्यादा कुत्तों को रोजाना खाना खिलाने का काम पूरा कर पा रही हैं।

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