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गर्भवती महिलाओं के लिए जानलेवा हो सकती है ये परिस्थिति, जानें बचाव के तरीके
Tue, 24 Nov 2020 09:25 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Tue, 24 Nov 2020 09:25 AM IST
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गर्भावस्था की बहुत सारी परिस्थितियां होने वाली मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि सेहत का बहुत अधिक ख्याल रखा जाए। ऐसी ही स्थिति होती है प्लेसेंटा एब्रप्शन। जिसमें अत्यधिक रक्तस्त्राव की वजह से मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा रहता है। इस समस्या में बहुत सारी महिलाओं को रक्तस्त्राव होता है। हालांकि करीब 20 प्रतिशत महिलाओं में ये स्थिति देखने को नहीं मिलती है। जिसकी वजह से उन्हें इसके बारे में पता नहीं चलता है। हालांकि ये लक्षण भी इस तरह के संकेत देने के लिए पर्याप्त होते हैं।
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असहजता महसूस होना, अचानक कमर या पेट दर्द होना और पेट को छूने पर दर्द होना एवं शिशु की हार्ट रेट में दिक्कत आना शामिल है। जरूरी है गर्भावस्था में खूब सारा पानी पिया जाए। वहीं खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है।
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अक्सर प्लेसेंटा एब्रप्शन के कारण का पता नहीं चल पाता है। किसी दुर्घटना या पेट पर चोट लगने के कारण ऐसा हो सकता है। जिसकी वजह से गर्भाशय के आसपास शिशु को सुरक्षा देने वाले एम्नियोटिक फ्लूइड नष्ट हो जाता है। पहले गर्भधारण में पेट पर चोट लगने की वजह से प्लेसेंटल एब्रप्शन हुआ हो या फिर लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर हो। प्रेगनेंसी में हाई बीपी (प्रीक्लैंप्सिया या एक्लैंप्सिया), पेट के बल गिरने, धूम्रपान, प्रेगनेंसी में कोकीन लेने, झिल्लियों के समय से पहले फटने (इससे डिलीवरी से पहले ही एम्नियोटिक फलूइड फट जाता है), प्रेगनेंट महिला के गर्भाशय के अंदर संक्रमण होना और 40 से अधिक उम्र की गर्भवती महिलाओं में भी प्लेसेंटल एब्रप्शन का जोखिम रहता है।
इस तरह के खतरे से दूर रहने के लिए जरूरी है कि गर्भावस्था में मांए खुद की देखभाल करें। साथ ही सही खानपान हरी पत्तेदार सब्जियां, फल वगैरह का सेवन जरूर करें। ऐसी अवस्था में प्राकृतिक रूप से होने वाली एब्रप्शन की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस तरह के खतरे से दूर रहने के लिए जरूरी है कि गर्भावस्था में मांए खुद की देखभाल करें। साथ ही सही खानपान हरी पत्तेदार सब्जियां, फल वगैरह का सेवन जरूर करें। ऐसी अवस्था में प्राकृतिक रूप से होने वाली एब्रप्शन की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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