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Paris Olympics 2024: दूध बेचने वाले की बेटी ने आर्थिक तंगी के सामने नहीं मानी हार, ऐसे तय किया ओलंपिक का सफर
Sat, 27 Jul 2024 09:36 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Sat, 27 Jul 2024 09:36 AM IST
सार
अंकिता 26 साल की हैं और 666 अंकों के साथ भारतीय महिला तीरंदाजों में सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर रहीं। ये अंकिता की ओलंपिक में जाते ही पहली उपलब्धि है। हालांकि ओलंपिक तक पहुंचने का सफर तय करने के लिए उन्होंने इस प्रतियोगिता से पहले आर्थिक तंगी को भी पछाड़ा है।
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अंकिता भगत
- फोटो : instagram/ ankitabhakat
विस्तार
Paris Olympics 2024 Meet Acher Ankita Bhakat: पेरिस ओलंपिक का आगाज 26 जुलाई 2024 से हो रहा है। ओलंपिक में भाग लेने के लिए भारत से 117 खिलाड़ियों का दल पेरिस पहुंच गया है, जिसमें 40 महिला एथलीट्स हैं। पीवी सिंधु, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन और अंशु मलिक जैसी महिला दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने की कवायद में जुट गई हैं तो वहीं 14 साल की तैराक धीनिधि देसिंघु और तीरंदाज अंकिता भगत जैसे कई खिलाड़ियों का ओलंपिक में डेब्यू होने जा रहा है।
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ओलंपिक के आगाज के साथ ही भारत की तीरंदाज अंकिता भगत ने अनुभवी दीपिका कुमारी को पीछे छोड़ते हुए पेरिस ओलंपिक महिला व्यक्तिगत रिकर्व क्वालिफिकेशन में भारतीयों में टाॅप 11वां स्थान हासिल कर लिया है।
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अंकिता 26 साल की हैं और 666 अंकों के साथ भारतीय महिला तीरंदाजों में सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर रहीं। ये अंकिता की ओलंपिक में जाते ही पहली उपलब्धि है। हालांकि ओलंपिक तक पहुंचने का सफर तय करने के लिए उन्होंने इस प्रतियोगिता से पहले आर्थिक तंगी को भी पछाड़ा है।
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आइए जानते हैं कौन हैं अंकिता भगत, उनके परिवार, करियर और ओलंपिक तक पहुंचने के सफर के बारे में।
अंकिता भगत ने उधार के उपकरणों से किया अभ्यास
अंकिता भगत कोलकाता की रहने वाली हैं। कभी उनके पिता दूध बेचने का काम किया करते थे। महज 10 साल की उम्र में अंकिता ने तीरंदाजी करनी शुरू की। कोलकाता के सर्कस मैदान में आयोजित एक स्थानीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में अंकिता ने भाग लिया। हालांकि उस समय न तो उनके पास सही उपकरण थे और न ही अनुभव।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और स्थानीय क्लब से उपकरण उधार में लेकर तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया। उनकी मेहनत रंग लाई और 2014 में उन्हें टाटा तीरंदाजी अकादमी में स्थान मिल गया। जमशेदपुर के कोच धर्मेंद्र तिवारी, पूर्णिमा महतो और राम अवधेश के नेतृत्व में उन्होंने अपने हुनर को निखारा।
एशियाई चैंपियनशिप में तीन बार विजेता हैं अंकिता
बाद में साल 2015 में 18 साल की आयु में अंकिता ने भारतीय टीम की ओर से अमेरिका के यांकटन में विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।
इसी वर्ष सियोल इंटरनेशनल यूथ आर्चरी फेस्टा में अंकिता ने रजत और कांस्य पदक जीते। 2017 के एशिया कप और भारतीय सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचीं।
2022 में उन्होंने खेलो इंडिया महिला नेशनल रैंकिंग तीरंदाजी टूर्नामेंट में प्रतिभाग किया और अपना पहला गोल्ड मेडल जीता। हांग्जो 2022 एशियाई खेलों में टीम रिकर्व कांस्य पदक जीता। साथ ही तीन बार एशियाई चैंपियनशिप जीता।

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