Mumtaz Mahal: सिर्फ ताजमहल ही नहीं, इन कारणों से भी याद की जाती है यह मुगल रानी, जानें मुमताज महल से जुड़ी रोचक बातें
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आगरा के ताज महल को जरूर देखा होगा। उसके बारे में सुना होगा। प्यार की निशानी, सातवां अजूबा, अद्भुत निर्माण शैली, खूबसूरती का प्रतीक और सबसे प्रसिद्ध मकबरा जैसी तमाम बाते ताजमहल से जुड़ी हुई हैं। ताजमहल को बनवाने वाले मुगल बादशाह शाहजहां के प्यार की मिसाल दी जाती है। शाहजहां ने अपनी जिस बेगम की याद में ताजमहल का निर्माण कराया उनका भी नाम मशहूर है। मुमताज महल को लोग शाहजहां के कारण जानते हैं, ताजमहल के कारण उनके नाम को पहचानते हैं लेकिन क्या आपको मुमताज बेगम के बारे में और कुछ पता है। ताजमहल से उनका संबंध होने के अलावा वो कौन थीं, क्या थीं? शाहजहां की पत्नी होने से पहले मुमताज महल का जीवन कैसा था? अगर नहीं पता तो मुगलों की सबसे मशहूर बेगमों में से एक मुमताज महल के बारे में कुछ रोचक बातें जान लीजिए। आज ही के दिन मुमताज महल का जन्म हुआ था। उनकी याद को ताजा करते हुए मुगल इतिहास के पन्नों में लिखी उनके और शाहजहां के प्यार और मुमताज बेगम के जीवन के बारे में जान लें।
शादी से पहले मुमताज महल का जीवन
मुमताज महल का जन्म 27 अप्रैल को 1593 को आगरा में अब्दुल हसन असफ खान के घर हुआ था। मुमताज बेगम का असली नाम अर्जुमंद बानो बेगम है। उनके पिता मुगल सम्राट जहांगीर के वजीर थे। जहांगीर की मुख्य रानी नूरजहां के भाई भी थे। इस रिश्ते से मुमताज महारानी नूरजहां की भतीजी थीं। बाद में जहांगीर के बेटे शाहजहां से मुमताज का निकाह कर दिया गया। उस समय उनकी उम्र 11 वर्ष थी। शादी के बाद ही अर्जुमंद बानो बेगम को 'मुमताज महल' की उपाधि दी गई और उनका यह नाम मशहूर हो गया।
मुमताज और शाहजहां का प्रेम
कहा जाता है कि शाहजहां, जिनको बचपन में शहजादा खुर्रम कहा जाता था, पहली नजर में ही मुमताज बानो को पसंद करने लगे थे। दोनों की कम उम्र में सगाई भी कर दी गई थी। लेकिन उनकी शादी पांच साल बाद हुई थी। हालांकि मुमताज से निकाह करने से पहले शाहजहां की दो और शादियां हो चुकी थी। लेकिन वह सबसे ज्यादा प्यार मुमताज महल से ही करते थे।
इतिहास में यह भी दर्ज है कि शाहजहां ने शादी के बाद मुमताज बेगम को अपना शाही तख्त 'मुहर उजाह' भी दे दिया था। दोनों शादी के बाद 19 साल साथ रहे। जिसमें मुमताज और शाहजहां के 14 बच्चे हुए। सात बच्चे किसी न किसी कारण से मर गए।
मुमताज महल के बच्चे
मुमताज के बच्चों में जहाँआरा बेगम, राजकुमार दारा शिकोह और औरंगजेब का नाम सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। जहांआरा बेगम शाहजहां की पसंदीदा बेटी थीं। दारा शिकोह को तख्त का दावेदार और मुगल विरासत का वारिस माना जाता था, हालांकि औरंगजेब ने अपने ही भाइयों को मरवा कर और शाहजहां को कैद करके मुगल सत्ता संभाली थी।
मुमताज महल की मौत
जब मुमताज महल गर्भ से थीं और अपने 14वें व आखिरी बच्चे को जन्म दिया, उस दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी आखिरी संतान एक बेटी थी, जिसका नाम गौहर आरा बेगम था। मुमताज का निधन 1631 में बुरहानपुर, डेक्कन में हुआ था। वर्तमान में यह मध्य प्रदेश में है। मुमताज के आखिरी समय में उनकी बड़ी बेटी जहांआरा उनके साथ रहीं। वहीं मुमताज की मौत के बाद शाहजहां ने खुद को एक साल के लिए एकांत में रख लिया। एक साल बाद उन्होंने मुमताज बेगम की याद में ताजमहल का निर्माण कराना शुरू किया जो कि 20 साल में बनकर तैयार हुआ। शाहजहां ने ताजमहल को मुमताज और उनके मकबरे के रूप में बनवाया था, जो की दोनों के प्यार की निशानी बन गया।

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