फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Mothers Day 2022 Saalumarada thimmakka Biography Known As Mother Of Tree

Mothers Day 2022: मदर ऑफ ट्री के नाम से मशहूर हैं 110 साल की यह महिला, जानें पद्मश्री विजेता सालुमारदा के बारे में

Sun, 08 May 2022 04:37 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 08 May 2022 04:37 AM IST
विज्ञापन
Mothers Day 2022 Saalumarada thimmakka Biography Known As Mother Of Tree
मदर ऑफ ट्री सालुमारदा थिममक्का - फोटो : facebook/PresidentOfIndia

Mothers Day 2022 Saalumarada Thimmakka: 8 मई को मदर्स डे मनाया जा रहा है। मदर्स डे हर मां के लिए एक खास दिन होता है। मां के मातृत्व और लगाव को सम्मान देने के लिए इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन लोग अपनी मां को स्पेशल फील कराने के लिए तरह तरह के आइडिया अपनाते हैं। वैसे तो हर बच्चे के लिए उसकी मां सबसे खास होती है। मां के लिए भी उनके सभी बच्चे बराबर होते हैं लेकिन कई ऐसी भी महिलाएं हैं जो केवल अपने बच्चों को ही नहीं, बल्कि हर किसी को मातृत्व और स्नेह देतीं हैं। महाराष्ट्र की सिंधुताई सपकाल का नाम तो सुना ही होगा। हालातों के चलते वह खुद के बच्चे को पाल न सकीं लेकिन एक दौर ऐसा भी आया, जब उन्होंने फुटपाथ, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर मिलने वाले हर बच्चे को मां का प्यार दिया। 1400 बच्चों को गोद लिया और उनको पालने के लिए खुद भीख तक मांगी। मदर्स डे के मौके पर आज हम ऐसी ही एक मां के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने इंसानों के सुखद जीवन और वातावरण की सुरक्षा के लिए अपना जीवन पेड़ पौधों को समर्पित कर दिया और मदर ऑफ ट्री के नाम से मशहूर हो गईं। मिलिए 110 साल की मदर ऑफ ट्री सालुमारदा थिममक्का से।

विज्ञापन


कौन हैं सालुमारदा थिममक्का?

सालुमारदा थिममक्का कर्नाटक में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला हैं। उनका घर रमनगारा जिले में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सालुमारदा का जन्म 1910-1912 के बीच बताया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समय सालुमारदा थिममक्का की उम्र लगभग 110 साल है। सालुमारदा उस समय अधिक चर्चा में आईं जब उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। सालुमारदा का पूरा जीवन पेड़ पौधों के नाम समर्पित रहा। यही वजह है कि सालुमारदा थिममक्का को मदर ऑफ ट्री यानी पेड़ों की मां के नाम से भी पुकारा जाता है।
विज्ञापन


मदर ऑफ ट्री नाम क्यों मिला?

इसकी एक खास वजह है। सालुमारदा ने अपने जीवन में 8000 से भी ज्यादा पौधारोपण किए हैं। सालुमारदा के लगाए गए कुछ पौधे तो अब विशाल वृक्ष बन गए हैं, जिनकी उम्र 70 साल से भी ज्यादा हो गई है। बताया जाता है कि सालुमारदा ने अपने स्वर्गीय पति के साथ मिलकर घर के पास बने हाईवे पर हजारों पेड़ लगाए थे। इन पेड़ों की देखरेख के लिए हफ्ते में दो बार पति-पत्नी दो मिट्टी के मटकों में कुएं का पानी भर के हाईवे पर ले जाते और पेड़ों की सिंचाई करते।

विज्ञापन
विज्ञापन

इतना ही नहीं सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर पेड़ों की कटाई किए जाने की सरकार की योजना के खिलाफ सालुमारदा ने आवाज भी उठाई थी। सालुमारदा सालों से पेड़ पौधों को अपने बच्चों की तरह पाल पोष रही हैं। सभी पेड़ों की देखभाल करने के साथ ही वह उन पेड़-पौधों से मां की तरह स्नेह करती हैं, समय समय पर उनके गले भी लगती हैं।

सालुमारदा थिममक्का की उपलब्धियां

सालुमारदा को साल 2017 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उस समय सालुमारदा की उम्र 107 साल थी। उनको यह सम्मान पेड़ों के प्रति उनके मातृत्व प्रेम के लिए दिया गया था। सालुमारदा थिममक्का को दुनिया का सबसे वृद्ध पर्यावरण कर्ता माना जा सकता है। साल 2020 में सालुमारदा को कर्नाटक सेंट्रल यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि भी मिल चुकी है। ऐसे में अगर उन्हें पेड़ों की मां कहा जाए तो यह गलत न होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed