फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Meet Manipur Entrepreneur Bijiyashanti Tongbram Lotus Fiber Weaver Success Story in Hindi

Bijiyashanti: कमल के तने से खड़ा किया करोड़ों का कपड़ा कारोबार, जानिए बिजय शांति की कामयाबी की कहानी

Mon, 24 Jun 2024 09:14 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Mon, 24 Jun 2024 09:14 AM IST
सार

अब भारत भी कमल के रेशों से रेशम बनाने की प्रक्रिया में शामिल हो चुका है। इस दुर्लभ प्रक्रिया को भारत में पहचान दिलाने और करोड़ों का कारोबार स्थापित करने का श्रेय एक महिला को ही जाता है।

विज्ञापन
Meet Manipur Entrepreneur Bijiyashanti Tongbram Lotus Fiber Weaver Success Story in Hindi
Lotus - फोटो : istock

विस्तार

Bijiyashanti Tongbram Success Story: रेशम के काम से तो लगभग सभी महिलाएं वाकिफ होती होगी लेकिन क्या आपको पता है कि सबसे नायाब रेशम कमल के तने से निकलने वाले रेशों से तैयार होता है। कमल के रेशों से रेशम बनाने की यह दुर्लभ प्रक्रिया दुनिया के सिर्फ तीन देशों में अपनाई जाती थी, जिसमें वियतनाम, कंबोडिया और म्यांमार का नाम शामिल है। हालांकि अब भारत भी कमल के रेशों से रेशम बनाने की प्रक्रिया में शामिल हो चुका है। इस दुर्लभ प्रक्रिया को भारत में पहचान दिलाने और करोड़ों का कारोबार स्थापित करने का श्रेय एक महिला को ही जाता है।

विज्ञापन


मणिपुर में कमल के रेशे बनाने का काम बड़े पैमाने पर होता है, जिसे बिजयशांति टोंगब्राम ने शुरू किया। आइए जानते हैं बिजय शांति टोंगब्राम के बारे में।

बिजय शांति मणिपुर की रहने वाली है। वह भारत की पहली महिला हैं, जिन्होंने कमल के तने से रेशे निकालने की शुरुआत की। बिजय शांति मणिपुर के थंगा टोंगबैंक गांव में लोकतल झील के पास रहती हैं। यह राज्य की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील होने के साथ ही कमल की खेती के लिए मशहूर है। परिवार में तीन भाई बहनों में वह सबसे बड़ी हैं और बॉटनी विषय की डिग्री हासिल की है।
विज्ञापन


झील के पास रहने वाले अधिकतर लोगों की आमदनी मछली पकड़ने और कमल की खेती से होती है। हालांकि साल 2014 में बिजय शांति को कमल के तने से रेशे निकालने का विचार आया। अपने विचार को सच करने के लिए उन्होंने कई पत्रिकाओं और वीडियो के जरिए इस प्रक्रिया को सीखने की कोशिश की।
विज्ञापन
विज्ञापन


खुद को इस कला में प्रशिक्षित करते हुए साल 2018 में बिजय शांति ने 'सेनजिंग सना थंबल' नाम से अपनी कंपनी की शुरुआत की। इस कंपनी के जरिए स्थानीय महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला, साथ ही कपड़े बुनने के क्षेत्र में नए रास्ते खुले।  इस धागे से स्कार्फ, मफलर और टाई बनाए जाते हैं ,जो मुंबई और कोलकाता सहित कई बड़े शहरों में भेजे जाते हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed