फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Meet Chandraprabha Saikiani Who Fought For Women's Rights in Assam

Chandraprabha Saikiani: जानिए महिलाओं को पर्दा प्रथा से आजाद कराने वाली महिला के संघर्ष की कहानी

Fri, 23 Jun 2023 12:57 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 23 Jun 2023 12:57 PM IST
विज्ञापन
Meet Chandraprabha Saikiani Who Fought For Women's Rights in Assam
चंद्रप्रभा सैकियानी की कहानी - फोटो : Istock

भारत में महिलाओं को लेकर कई तरह की कुप्रथाएं चली आ रही हैं। हालांकि वक्त के साथ आज के दौर में कई प्रथाएं, रूढ़िवादिता का अंत हो गया है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। बाल विवाह, सती प्रथा, पर्दा प्रथा इन सब को खत्म करने के लिए कई सालों की मेहनत है। इसी कड़ी में एक महिला का नाम शामिल हैं, जिन्होंने महिलाओं को पर्दा प्रथा की बंदिशों से आजाद कराने के लिए लड़ाई लड़ी और जीत भी हासिल की। ये कहानी है चंद्रप्रभा सैकियानी की। आज की महिलाएं अपने मनपसंद कपड़े पहनने की आजादी रखती हैं। बिना चेहरा छुपाए कहीं भी किसी के सामने जाने में न तो रोक टोक होती हैं और न ही कोई पाबंदी। महिलाओं को ये अधिकार दिलाने में चंद्रप्रभा सैकियानी की खास भूमिका है। चलिए जानते हैं कौन हैं चंद्रप्रभा सैकियानी? महिलाओं के लिए उनके संघर्ष की क्या है कहानी?

विज्ञापन


चंद्रप्रभा सैकियानी कौन थीं?


चंद्रप्रभा सैकियानी का जन्म असम में 16 मार्च 1901 को हुआ था। असम के कामरूप जिले के दोइसिंगारी गांव में उनका परिवार रहता था। चंद्रप्रभा के पिता का नाम रतिराम मजूमदार था, जो गांव के मुखिया थे। शुरू से ही चंद्रप्रभा पढ़ाई में तेज थीं। उनके पिता ने उस दौर में भी अपनी बेटी की पढ़ाई पर जोर दिया। चंद्रप्रभा महिलाओं के भविष्य को लेकर छोटी सी उम्र में ही फिक्रमंद हो गईं थीं। उन्होंने न केवल अपनी शिक्षा पर, बल्कि गांव की अन्य लड़कियों की पढ़ाई पर भी ध्यान दिया।
विज्ञापन


13 साल की शिक्षिका ने लड़कियों को लिए खोला स्कूल

13 साल की उम्र में ही चंद्रप्रभा सैकियानी ने अपने गांव की लड़कियों के लिए प्राइमरी स्कूल खोला था। एक 13 साल की बच्ची स्कूल की टीचर बन गईं। इतनी कम उम्र की शिक्षिका को देख कर स्कूल इंस्पेक्टर प्रभावित हो गए। उन्होंने चंद्रप्रभा को प्रोत्साहित करने के लिए नौगांव मिशन स्कूल का वजीफा दिलवाया। उन दिनों लड़कियों के साथ शिक्षा के स्तर पर भेदभाव था, जिसके खिलाफ चंद्रप्रभा ने अपनी आवाज उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्दा प्रचलन के खिलाफ उठाई आवाज

बचपन में शिक्षिका बना चंद्रप्रभा बड़े होते होते समाज सेविका बन गईं। किरोनमॉयी अग्रवाल की मदद से साल 1920-21 में चंद्रप्रभा सैकियानी ने तेजपुर में महिला समिति का गठन किया। इस दौरान एक बैठक हुई, जिसमें पुरुष और महिलाओं दोनों शामिल हुए। हालांकि महिलाएं पर्दे के पीछे अलग बैठी थीं।

चंद्रप्रभा सैकियानी जो कि अब तक महिला शिक्षा को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही थीं, उन्होंने इस पर्दा प्रचलन को भी महसूस किया। उस कार्यक्रम में चंद्रप्रभा ने मंच पर खड़े होकर पूछा कि तुम लोग पर्दे के पीछे क्यों बैठी हो? चंद्रप्रभा के आह्वान से महिलाएं प्रभावित हुईं और बांस की दीवार तोड़कर सामने आकर बैठ गईं। ये महिलाओं को पर्दा प्रचलन से आजादी दिलाने की दिशा में चंद्रप्रभा सैकियानी का अहम कदम था।

बिना शादी के बेटे को दिया था जन्म

इतना ही नहीं कहा जाता है कि चंद्रप्रभा सैकियानी की शादी छोटी उम्र में ही एक उम्रदराज आदमी से कर दी गई थी। ये उन दिनों आम बात थी, लेकिन उन्होंने इस शादी से इनकार कर दिया था, जो कि किसी भी लड़की के लिए बड़ा फैसला और साहसिक कदम के तौर पर देखा जा सकता है। वह काफी हिम्मत वाली महिला थीं। एक लेखिका के मुताबिक, चंद्रप्रभा का एक रिश्ता था, जिससे वह बिना शादी के मां बनी थीं। लेकिन उनका रिश्ता सफल न हो सका। उन्होंने अपने बेटे को जन्म दिया और उसका लालन पालन किया।

साइकिल यात्रा करने वाली राज्य की पहली महिला

चंद्रप्रभा सैकियानी के लिए एक और किस्सा प्रचलित है कि स्वतंत्रता आंदोलन के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने पूरे राज्य में साइकिल यात्री की थी। ऐसा करने वाली वह राज्य की पहली महिला थीं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed