Bodhana Sivanandan: आठ साल की बोधना सिवानंदन के नाम बड़ी उपलब्धि, भारतीय मूल की बेटी को मिली विश्व में ख्याति
बोधना सिवानंदन ने आठ साल की आयु में यूरोप काॅन्टिनेंटल टूर्नामेंट जीतकर बेस्ट महिला खिलाड़ी का खिताब अपने नाम किया है। हाल ही में क्रोएशिया में यूरोपीय ब्लिट्ज चैंपियनशिप का आयोजन हुआ, जिसमें बोधना ने प्रतिभाग करते हुए पहला प्राइज हासिल किया है।
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Bodhana Sivanandan: एक आठ साल की बच्ची ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम करते हुए अपने परिवार के साथ ही भारत का भी मान बढ़ाया है। यह बच्ची लंदन की रहने वाली है। हालांकि इनका नाता भारत से भी है। बच्ची का नाम बोधना सिवानंदन है। छोटी सी उम्र में बोधना सिवानंदन ने वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया। आइए जानते हैं कौन हैं बोधना सिवानंदन और क्या है इनकी उपलब्धि व भारत से नाता।
बोधना सिवानंदन ने आठ साल की आयु में यूरोप काॅन्टिनेंटल टूर्नामेंट जीतकर बेस्ट महिला खिलाड़ी का खिताब अपने नाम किया है। हाल ही में क्रोएशिया में यूरोपीय ब्लिट्ज चैंपियनशिप का आयोजन हुआ, जिसमें बोधना ने प्रतिभाग करते हुए पहला प्राइज हासिल किया है।
कौन हैं बोधना सिवानंदन
बोधना सिवानंदन लंदन के नॉर्थ वेस्ट, हैरो शहर की रहने वाली हैं। उन्होंने पांच साल की उम्र से चेस खेलना शुरू किया था। वह समय कोविड काल का था। बोधना भारतीय मूल की ब्रिटिश नागरिक हैं।
बोधना की उपलब्धि
बोधना ने यूरोपीय ब्लिट्ज चैंपियनशिप में इंग्लैंड की एक कोच लौरेन डी कोस्टा को हराया है। कोच लौरेन 39 साल की हैं। इस प्रतियोगिता में कुल 555 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 48 ग्रैंडमास्टर्स और 50 इंटरनेशनल मास्टर्स भी थे। वर्तमान में बोधना की रैंकिंग 41956 है। बोधना सिवानंदन ग्रैंड मास्टर बनना चाहती हैं।

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