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Maharani Gayatri Devi: जन्मदिन पर जानें महारानी गायत्री देवी की लव लाइफ और इंदिरा संग विवाद के रोचक किस्से

Mon, 23 May 2022 02:06 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Mon, 23 May 2022 02:06 PM IST
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Maharani Gayatri Devi Birthday Special Know Biography And Political Journey In Hindi
महारानी गायत्री देवी - फोटो : facebook

Maharani Gayatri Devi: भारत जैसे पुरुष प्रधान देश में महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं। अपनी काबिलियत के दम पर भारतीय महिलाओं ने न केवल देश में बल्कि दुनियाभर में अपनी पहचान बना रखी है। भारतीय महिलाएं विश्व स्तर पर खेल से लेकर मनोरंजन जगत और बिजनेस से लेकर राजनीति तक में परचम लहरा रही हैं। लेकिन आज समाज में भारतीय महिलाओं का जो स्थान है, उसकी नींव इतिहास की कुछ महिलाओं ने रखी थी। इतिहास में कई ऐसी महिलाएं हुईं, जिन्होंने पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया। महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। इन्हीं महिलाओं में एक नाम है महारानी गायत्री देवी का। महारानी गायत्री देवी एक राजशाही परिवार से थीं। एक राजकुमारी ने शादी के बाद अपने राज्य को संभाला और राजनीति में आने के बाद देश को संभालने में योगदान दिया। उस दौर में महारानी गायत्री देवी की टक्कर इंदिरा गांधी से थी। कहा जाता है कि वह किसी मामले में इंदिरा से कम नहीं थी। कई लोगों का तो यह भी मानना है कि इंदिरा को गायत्री देवी से जलन थी। लेकिन क्या सच में गायत्री देवी इस काबिल थीं?महारानी गायत्री देवी का राजनीतिक जीवन क्या इतना दमदार था? महारानी गायत्री देवी के जन्मदिन पर जानें उनके राजशाही जीवन, राजनीतिक करियर और इंदिरा संग उनके विवादों के बारे में।

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महारानी गायत्री देवी का जीवन परिचय

महारानी गायत्री देवी का जन्म 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था। वह जयपुर के राजघराने में ताल्लुक रखती थीं। गायत्री देवी के पिता का नाम राजकुमार जितेंद्र नारायण था, जो बंगाल में कूचबिहार के युवराज के छोटे भाई थे। हालांकि कूंच बिहार के राजा की मौत के बाद जितेंद्र राजा बन गए थे। वहीं गायत्री देवी की माता राजकुमारी इंदिरा राजे थीं, जो कूंच बिहार की रानी और बड़ौदा के महाराज सयाजीराव की बेटी थीं। जब गायत्री और उनके अन्य चार भाई बहन छोटे थे, तभी पिता का निधन हो गया और माता इंदिरा राजे ने ही बच्चों और राजघराने को संभाला था।
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गायत्री देवी की शिक्षा

 गायत्री देवी के बचपन का नाम आयशा था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा शांतिनिकेतन से पूरी की और बाद में ग्लेन डोवेर प्रिपरेटरी स्कूल लंदन, विश्व-भारती यूनिवर्सिटी, लॉसेन और स्विट्जरलैंड से शिक्षा हासिल की। पढ़ाई के साथ राजकुमारी गायत्री घुडसवारी और पोलो की बेहतरीन खिलाड़ी थीं। उनका निशाना कमाल का था। वह अक्सर शिकार पर जाया करती थीं।
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गायत्री देवी की लव लाइफ और शादी

प्यार और शादी के मामले में गायत्री देवी अपनी माता इंदिरा राजे जैसी ही थीं। महज 12 साल की उम्र में उन्हें जयपुर के राजा मानसिंह बहादुर से प्यार हो गया।  मानसिंह बहादुर पहले से शादीशुदा थे। उनकी दो शादियां हो चुकीं थीं लेकिन उन्होंने सवाई मान सिंह की तीसरी पत्नी बनना स्वीकार किया। मानसिंह गायत्री देवी से 9 साल बड़े थे। लेकिन जब गायत्री देवी 16 साल की हुईं तो मानसिंह ने उनसे शादी के लिए पूछा। गायत्रा देवी ने हामी भरी और समाज के खिलाफ जाकर मानसिंह से शादी की।

Maharani Gayatri Devi Birthday Special Know Biography And Political Journey In Hindi
महारानी गायत्री देवी - फोटो : Facebook

गायत्री देवी का राजनीतिक जीवन

वैसे तो राजकुमारी शादी के बाद जयपुर का महारानी बन गई थीं। पैदाइश बंगाल की और शादी राजपूतों में लेकिन उन्हें न तो बंगाली और न ही राजस्थानी भाषा सही से बोलनी आती थी। वह अंग्रेजी और फ्रेंच में बात किया करती थीं। उस दौर में उन्हें दुनिया की सबसे सुंदर महिला का खिताब मिला था। वोग मैगजीन में छपी लिस्ट में उन्हें स्थान मिला था। हालांकि राजनीति में भी गायत्री देवी को अपनी बेबाकी के लिए जाना जाता था। साल 1962 में महारानी गायत्री देवी ने स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और 1 लाख 92 हजार वोटों से जीत गईं। उस समय इतनी बड़ी जीत के कारण उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था।

इंदिरा गांधी और गायत्री देवी का विवाद

यहां से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुआ। एक बार संसद में जवाहर लाल नेहरू से उनकी बहस हो गई थी। नेहरू और गायत्री देवी के बीच राजनीतिक विरोध था लेकिन इंदिरा गांधी जब राजनीति में आईं तो यह विरोध राजनीतिक नहीं बल्कि निजी बन गया। दरअसल गायत्री देवी और इंदिरा गांधी दोनों एक दूसरे को बचपन से जानती थीं। गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर के बनाएं शांतिनिकेतन स्कूल में दोनों पढ़ाई की थी। एक बार सदन में इंदिरा ने गायत्री देवी को कांच की गुड़िया कह कर पुकारा था। दोनों एक दूसरे के प्रतिद्वंदी थे। दोनों के बीच एक किस्सा मशहूर है कि इंदिरा गांधी ने महारानी गायत्री देवी को जेल में डालकर जयगढ़ के किले में फौज भेज दी थी। 

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