'किड ऑफ द ईयर' का खिताब जीतने वाली गीतांजलि राव, जिसे अपने अनूठे आइडिये के लिए मिला ये पुरस्कार
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गीतांजलि राव ने हर किसी को अपनी अनूठी सोच और काम से प्रभावित किया है। भारतीय मूल की इस अमेरिकी किशोरी ने यंग साइंटिस्ट के साथ ही अविष्कारक के लिए पुरस्कार प्राप्त किया है। गीतांजलि ने गंदे पानी से लेकर साइबर बुलिंग तक के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया है। गीतांजलि राव मात्र 11 वर्ष की उम्र से ही अपने नए तरह के इन्वेशन के लिए पुरस्कृत हो चुकी हैं।
गीतांजलि राव अमेरिका के कोलोराडो में रहती हैं। इसके साथ ही उन्हें टाइम मैगजीन ने इस पुरस्कार के लिए पांच हजार से ज्यादा प्रत्याशियों में से चुना था। अभिनेत्री एंजलिना जॉली ने गीतांजलि का इंटरव्यू लिया, जिसमें वो कहती नजर आईं कि अगर मैं यह कर सकती हूं तो कोई भी इसे कर सकता है। गीतांजलि इससे पहले भी कई सारे पुरस्कार जीत चुकी हैं। दूषित जल का पता लगाने कम लागत के मशीन का अविष्कार करने के लिए गीतांजलि को टॉप यंग साइंटिस्ट से सम्मानित किया गया था। यहीं नहीं 11 वर्ष की उम्र में फोर्ब्स मैगजीन के टॉप अंडर 30 की लिस्ट में उनके बेस्ट आइडिया के लिए जगह दी गई थी।
गीतांजलि को साफ पानी के उपकरण को बनाने का आइडिया अमेरिका में हुए उस घोटाले से मिला था। जिसमें मिशिगन के फ्लिंट में अधिकारियों को पानी के दूषित होने पर हत्या के आरोपों का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद गीतांजलि ने मात्र पांच महीने में अपने प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया था। उसने अपने नए इन्वेशन का नाम ग्रीक गॉडेस टेथिस के नाम पर रखा जो कि ताजे पानी की देवी कही जाती हैं। इसके अलावा गीतांजलि ने साइबर बुलिंग का पता लगाने वाले ऐप का भी निर्माण किया है।

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