Baljeet Kaur: हिमाचल की बेटी ने किया पहाड़ों पर फतह, जानिए पर्वतारोही बलजीत कौर की उपलब्धियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Baljeet Kaur: देश की बेटियों की उड़ान आसमान छू रही हैं। उन्हे पंख फैलाने का मौका मिले तो वह दुनिया भर में भारत का परचम लहरा सकती हैं। इसी कड़ी में एक नाम और जुड़ गया है। हिमाचल प्रदेश की बेटी बलजीत कौर ने इतिहास रच दिया है। बलजीत कौर ने बहुत कम समय में जो रिकॉर्ड बनाया है, वह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आपने पर्वतारोही बछेंद्री पाल का नाम सुना होगा। उनके बाद देश की महिला पर्वतारोही में बलजीत कौर का नाम भी शामिल हो गया है। बछेंद्री पाल एवरेस्ट पर फतह करने वाली पहली भारतीय महिला थीं। बलजीत कौर ने भी एवरेस्ट पर भारत का तिरंगा लहराया है। खास बात यह है कि उन्होंने एक महीने से कम समय में एवरेस्ट समेत चार ऊंची पर्वत चोटियों पर फतह कर लिया है। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय पर्वतारोही हैं। लेकिन इस सफलता पर पाने के लिए बलजीत कौर ने काफी मेहनत की है। चलिए जानते हैं बलजीत कौर के बचपन, उनके संघर्ष और उपलब्धियों के बारे में।
पर्वतारोही बलजीत कौर का परिचय
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की कंडाघाट तहसील के एक छोटे से गांव की रहने वाली बलजीत कौर के पिता का नाम अमरीक सिंह है जो कि हिमाचल प्रदेश ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन में बस ड्राइवर हैं। उनकी मां का नाम शांति देवी है। बलजीत अपने तीन भाई बहनों के साथ बचपन से ही मां की किसानी में मदद किया करती थीं। पढ़ाई के साथ ही वह खेती करती थीं।
बलजीत कौर की शिक्षा
उन्होंने सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। स्कूल के समय ही बलजीत कौर ने नेशनल कैडट कॉर्प्स यानी एनसीसी में शामिल हो गईं। एनसीसी कैंप के दौरान बलजीत ने पहली बार पर्वत पर चढ़ाई की। 20 साल की उम्र में उन्हें माउंट देव टिब्बा के एनसीसी अभियान के लिए चुना गया। बाद में साल 2015 में एनसीसी पर्वतारोहियों की एक 10 सदस्यीय टीम के साथ वह माउंट त्रिशूल पर फतह करने के लिए निकले अभियान का हिस्सा बनी। माउंट त्रिशूल की ऊंचाई 7120 मीटर है।
बलजीत कौर की उपलब्धि
खराब मौसम के कारण टीम 6350 मीटर ऊंचाई तक ही पहुंच पाई। हालांकि एक साल बाद फिर से माउंट एवरेस्ट के लिए एनसीसी अभियान का हिस्सा बनीं। चढ़ाई के दौरान उनकी टीम 8,548 मीटर तक पहुंच गई थी, लेकिन ऑक्सीजन मास्क खराब होने की वजह से बलजीत को वापस बुला लिया गया। हालांकि उनका हौसला नहीं टूटा और साल 2022 में बलजीत कौर ने उस समय इतिहास रच दिया जब 17 मई को वह राज 10 बजे माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए रवाना हुईं, महज पांच दिन की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने अपना सपना पूरा कर लिया। वहीं नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 7,161 मीटर ऊंचे माउंट पुमोरी को फतह करने की भी उपलब्धि हासिल की। 8,167 मीटर ऊंचे माउंट धौलागिरी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली भी बलजीत कौर पहली भारतीय महिला पर्वतारोही बन गईं।

कमेंट
कमेंट X