First Female E-Rickshaw Driver: जम्मू कश्मीर की पहली महिला रिक्शा चालक हैं सीमा देवी, इनकी कहानी है बहुत रोचक
परिवार को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए सीमा देवी ने रिक्शा चलाना शुरू किया। नागरोटा और आसपास के क्षेत्र में सीमा देवी पिछले कुछ महीनों से रिक्शा चला रही हैं।
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Jammu Kashmir First Female E Rickshaw Driver :जम्मू कश्मीर बहुत खूबसूरत वादियों से घिरा राज्य है लेकिन इस केंद्रशासित प्रदेश के कई इलाके ऐसे भी हैं, जहां लोग बंदूक के साए में रहते हैं। हालात बनते बिगड़ते रहते हैं। हालांकि लोग मेहनत करते हैं और किसी तरह अपना घर परिवार चलाते हैं। महिलाओं को लेकर भले ही समाज में बहुत बदलाव आया हो लेकिन कई जगहों पर रूढ़िवादी विचार आज भी महिलाओं को घर की दहलीज से बाहर जाने से रोक लेते हैं। ऐसे माहौल में रहने वाली सीमा देवी ने न केवल परिवार और पति की मदद के लिए घर की दहलीज पार की, बल्कि एक ऐसा काम किया, जो सिर्फ पुरुषों तक ही माना जाता था। कश्मीर की सीमा देवी ने अपने काम से नई उपलब्धि हासिल कर ली है और बन गई हैं जम्मू कश्मीर की पहली महिला ई-रिक्शा चालक। चलिए जानते हैं सीमा देवी के संघर्ष की कहानी।
कौन हैं सीमा देवी
सीमा देवी जम्मू कश्मीर के नागरोटा जिले की रहने वाली हैं। वह एक साधारण गृहणी की तरह अपने परिवार को संभालती थीं। सीमा देवी के तीन बच्चे हैं। पूरे परिवार का पालन पोषण सीमा देवी के पति के लिए मुश्किल हो रहा था। पति को दिन रात मेहनत करते देख सीमा देवी ने भी परिवार की जरूरतों के लिए काम करने की ठान ली।
पारिवारिक हालातों ने बदली सीमा की राह
सीमा देवी का एक 15 साल की बेटा है, वहीं 14 और 12 साल की दो बेटियां भी हैं। महंगाई बहुत अधिक बढ़ रही थी और बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही परिवार का भरण पोषण केवल पति की आय पर नहीं हो सकता था।
शुरू किया रिक्शा चलाना
परिवार को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए सीमा देवी ने रिक्शा चलाना शुरू किया। नागरोटा और आसपास के क्षेत्र में सीमा देवी पिछले कुछ महीनों से रिक्शा चला रही हैं। हालांकि ये काम उनके लिए आसान नहीं था। समाज की परवाह किए बिना सीमा अपना कार्य करती रहीं। उन्होंने पति के साथ मिलकर 30 हजार का ऋण लिया। तीन हजार रुपये की ईएमआई पर रिक्शा खरीदा। पति ने सीमा को रिक्शा चलाना भी सिखाया।
जिस दौर में महिलाएं हवाई जहाज उड़ा रही हैं, ट्रेन चला रही हैं, वहां रिक्शा चलाकर सीमा देवी हर उस महिला के लिए प्रेरणा हैं जो नौकरी न मिलने पर भी मेहनत के बल पर आर्थिक तौर पर मजबूत होना चाहती हैं। उनके रिक्शा चलाने से क्षेत्र की महिलाओं को भी सहज माहौल मिलता है।

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