भवानी देवी: ओलंपिक में हार के बाद भी ऐसे जीता देश का दिल, अब मिला अर्जुन अवॉर्ड
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टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए मेडल न ला पाने के बाद देशवासियों से माफी मांग कर एक भावनात्मक संदेश देने वाली भारतीय तलवारबाज भवानी देवी को आखिरकार कामयाबी मिल ही गई। देश की इस होनहार बेटी ने टोक्यो ओलंपिक में भले ही जीत हासिल न की हो, लेकिन अपने शानदार प्रदर्शन से सबकी प्रशंसा पाई। भवानी देवी ने ओलंपिक में हार के बाद भी इतिहास रच दिया था।
उनकी हार के बाद देश के नाम दिए गए संदेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उनकी तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए थे। वहीं अब फ्रांस में हुए चार्लेलविले राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में महिला व्यक्तिगत साबरे वर्ग में खिताब जीत कर देश का मान बढ़ाया। हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। चलिए जानते हैं कि भारतीय तलवारबाज भवानी देवी कौन हैं? उन्होंने तलवारबाजी को क्यों बनाया अपना सपना? भवानी देवी की उपलब्धि क्या हैं?
भवानी देवी का जीवन परिचय
भवानी देवी एक भारतीय तलवारबाज हैं। 27 अगस्त 1993 को उनका जन्म तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ था। उनका पूरा नाम चडलावदा आनंद सुंदरारमन भवानी देवी है। उनके पिता का नाम सी आनंद सुंदरारमन है, जो कि एक मंदिर में पुजारी हैं और माता का नाम सी.ए. रमाणी है।
भवानी देवी की शिक्षा
अगर भवानी देवी की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपने गृह नगर से ही अपनी शुरुआती पढ़ाई की। उन्होंने मुरुगा धनुष्कोडी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं और सेंट जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज से डिग्री हासिल की है। वैसे उन्होंने अपने करियर की शुरूआत साल 2004 में की थी, लेकिन साल 2009 में भवानी देवी ने मलेशिया में कांस्य पदक की जीत के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय खेल करियर की शुरूआत की।
भवानी देवी का तलवारबाजी में करियर
इसके बाद साल 2010 में फिलीपींस में एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप में भवानी देवी हिस्सा लिया और कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया। उनकी कामयाबी का दौर जारी रहा। साल 2012 में जर्सी कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भवानी देवी ने सिल्वर व ब्रांज मेडल जीता था।
भवानी देवी के नाम एक बड़ी उपलब्धि ये है कि 2017 में आइसलैंड में हुई पहली इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीतने वाली वहीं थीं। तलवारबाजी में पहली बार पदक जीत कर किसी महिला ने भारत का परचम अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराया था। इसके बाद साल 2018 में रेकजाविक में हुए तुरनोई सैटेलाइट फेंसिंग चैंपियनशिप में भवानी देवी ने सिल्वर मेडल हासिल किया था।
ओलंपिक में भवानी देवी का चयन
उन्होंने एडजस्टेड ऑफिशियल रैंकिंग के आधार पर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था और पांच अप्रैल को भवानी देवी के ऑफिशियल क्वालीफिकेशन पर मुहर लग गई।
भवानी देवी की उपलब्धि
तलवारबाज भवानी देवी ने अपने करियर की शुरुआत साल 2004 में की थी और तब से अब तक 8 बार नेशनल चैंपियन बनीं। हालांकि 2016 के रियो ओलंपिक में भवानी देवी जगह नहीं बना पाईं, लेकिन टोक्यो ओलंपिक में वह उस समय चर्चा में आईं जब पहली बार भारत की ओर से हिस्सा लेने वाली सी.ए. भवानी देवी (C.A. Bhavani Devi) ने फेंसिंग में पहला मैच जीता और देश का नाम रोशन किया।
हालांकि वे दूसरा मैच हार गईं, फिर भी अपने पहले मैच की काबिलियत की वजह से उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया जब ओलंपिक में पहली बार भारत की ओर से हिस्सा लेकर उन्होंने फेंसिंग में पहला मैच जीता। वहीं अब फ्रांस में चार्लेविले राष्ट्रीय टूर्नामेंट में महिलाओं के साबरे व्यक्तिगत वर्ग में जीत दर्ज की। उन्हें खेल पुरस्कार अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

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