फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Indian Army First Woman Subedar Preeti Rajak Biography in hindi

Preeti Rajak: एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट प्रीति रजक की प्रेरणादायक कहानी, जो बनीं पहली महिला सूबेदार

Tue, 14 Oct 2025 06:15 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 14 Oct 2025 06:15 PM IST
सार

First Woman Subedar Preeti Rajak : ड्राइ-क्लीनर की बेटी से भारतीय सेना की पहली महिला सूबेदार बनना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय है। आइए जानते हैं प्रीति रजक के जीवन संघर्षों और उपलब्धियों के बारे में। 

विज्ञापन
Indian Army First Woman Subedar Preeti Rajak Biography in hindi
प्रीति रजक - फोटो : instagram

विस्तार

Subedar Preeti Rajak: मध्य प्रदेश के प्रीति रजक ने भारतीय सेना में पहली महिला सूबेदार बनकर इतिहास रच दिया है। इसके पहले उन्होंने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर अपने नाम उपलब्धि हासिल की। प्रीति की उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उस परिवर्तन की कहानी है जो समाज में तब आता है जब महिलाओं को अवसर और भरोसा दोनों मिलते हैं। उन्होंने दिखाया कि अगर लगन और मेहनत सच्ची हो, तो सामाजिक या आर्थिक सीमाएं किसी भी सपने को छोटा नहीं कर सकतीं।

विज्ञापन


प्रीति रजक सिर्फ एक खिलाड़ी या अधिकारी नहीं हैं वे एक प्रेरक प्रतीक हैं, जो भारत की बेटियों को यह विश्वास दिलाती हैं कि अगर हौसला हो तो कोई मंजिल दूर नहीं। ड्राइ-क्लीनर की बेटी से भारतीय सेना की पहली महिला सूबेदार बनना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय है। आइए जानते हैं प्रीति रजक के जीवन संघर्षों और उपलब्धियों के बारे में।  
विज्ञापन


सूबेदार प्रीति रजक की प्रारंभिक जीवन और परिवार

मध्यप्रदेश के इतारसी में जन्मी प्रीति रजक एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता एक ड्राइ-क्लीनर हैं और माता सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी प्रीति के सपनों को छोटा नहीं समझा। माता-पिता ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें वह मंच दिलाने में सहयोग दिया, जहां से उन्होंने इतिहास रच दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रीति रजक की ट्रेनिंग

प्रीति ने 2015 में मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी में दाखिला लिया। शुरुआत में यह सिर्फ रुचि थी, लेकिन धीरे-धीरे यह जुनून बन गई। ट्रैप शूटिंग में उन्होंने खुद को निखारा और कोचों के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाई।

एशियन गेम्स में सफलता

2022 के हैंगझोऊ एशियन गेम्स में प्रीति रजक ने ट्रैप महिला टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। यह उनके करियर का निर्णायक क्षण था, जिसने उन्हें नई पहचान दिलाई और भारतीय सेना के लिए दरवाजे खोले।

सेना में योगदान और ऐतिहासिक पदोन्नति

दिसंबर 2022 में प्रीति ने कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में हवलदार के रूप में प्रवेश किया। शूटिंग में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और अनुशासन के चलते जनवरी 2024 में उन्हें आउट आफ टर्न प्रमोशन देकर पहली महिला सूबेदार बनाया गया। यह भारतीय सेना के इतिहास का स्वर्णिम क्षण था, जब पहली बार किसी महिला ने यह पद हासिल किया।


प्रीति की कहानी क्यों खास है?

प्रीति रजक की यात्रा हर उस भारतीय लड़की के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती है। उन्होंने दिखाया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, मेहनत और अनुशासन से हर बाधा को पार किया जा सकता है। उन्होंने साबित किया कि सेना, शूटिंग या किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के बराबर काबिल हैं। जब संस्थाएं जैसे सेना, खेल मंत्रालय या अकादमियां महिलाओं को अवसर देती हैं, तो न केवल व्यक्ति बल्कि पूरा समाज आगे बढ़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed