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IAF Day 2025: अवनी से भावना तक, भारतीय वायुसेना की 5 शेरनियां जिन्होंने इतिहास रचा
Wed, 08 Oct 2025 12:09 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:09 PM IST
सार
Indian Air Force 2025: 2025 तक वायुसेना में 1000 से अधिक महिला अधिकारी सेवा दे रही हैं, जिनमें लगभग 15 फाइटर पायलट, 250+ ग्राउंड ड्यूटी अधिकारी, और कई इंजीनियरिंग एवं टेक्निकल शाखाओं में तैनात हैं। वायुसेना अब महिलाओं को स्थायी कमीशन भी दे रही है, जिससे वे नेतृत्व की पंक्ति में पुरुषों के समान खड़ी हैं।
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पायलट शिवांगी सिंह
- फोटो : Instagram
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विस्तार
Indian Air Force 2025: हर साल 8 अक्टूबर को भारत वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day) मनाता है। इस दिन न सिर्फ वायुसेना के शौर्य और तकनीकी ताकत को सलाम किया जाता है, बल्कि उन महिला योद्धाओं को भी नमन किया जाता है जिन्होंने अपने साहस, अनुशासन और हिम्मत से भारतीय वायुसेना के इतिहास को नया आयाम दिया। साल 2025 में जब वायुसेना अपना 93वां स्थापना दिवस मना रही है। महिलाओं की भूमिका वक्त के साथ वायुसेना में सशक्त होती जा रही है औरर आज महिला अफसरों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा उज्जवल है।
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कभी समय था जब महिलाएं सिर्फ स्वास्थ्य या शिक्षा की शाखाओं में तैनात होती थीं। पर अब तस्वीर बदल चुकी है। भारतीय वायुसेना में महिलाएं फाइटर पायलट, ट्रांसपोर्ट कमांडर, सर्च एंड रेस्क्यू मिशन लीडर, और ग्राउंड कंट्रोल ऑपरेटर की जिम्मेदारियाँ निभा रही हैं। 2025 तक वायुसेना में 1000 से अधिक महिला अधिकारी सेवा दे रही हैं, जिनमें लगभग 15 फाइटर पायलट, 250+ ग्राउंड ड्यूटी अधिकारी, और कई इंजीनियरिंग एवं टेक्निकल शाखाओं में तैनात हैं। वायुसेना अब महिलाओं को स्थायी कमीशन भी दे रही है, जिससे वे नेतृत्व की पंक्ति में पुरुषों के समान खड़ी हैं।
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भारतीय वायुसेना की महिला अफसर
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी
अवनी 2016 में भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। उन्होंने मिग-21 बाइसन विमान उड़ाकर इतिहास रच दिया। साल 2024 में उन्हें भारत की प्रतिनिधि के रूप में अमेरिकी रेड फ्लैग एयर एक्सरसाइज में भेजा गया। यह भारत की पहली महिला प्रतिनिधि थीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।
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स्क्वाडन लीडर भावना कांत
भावना IAF की पहली महिला अफसर बनीं जिन्हें लड़ाकू मिशनों में दिन के समय उड़ान की अनुमति मिली। उन्होंने बालाकोट स्ट्राइक जैसे अभियानों में अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह
उन्होंने भारतीय वायुसेना के इतिहास में पहला कॉम्बैट सॉर्टी मिशन उड़ाया। वह आज भी ट्रेिनिंग और ऑपरेशनल यूनिट्स में नई पीढ़ी की प्रेरणा हैं।
ग्रुप कैप्टन शैलजा धामी
2023 में शलीजा धामी पहली महिला बनीं जिन्हें कमांडिंग अफसर का चार्ज मिला। उन्होंने पंजाब में एक फाइटर बेस की कमान संभाली। यह भारत की सैन्य इतिहास में ऐतिहासिक क्षण था।
स्क्वाडन लीडर दीपिका मिश्रा
दीपिका मिश्रा पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट बनीं जिन्हें गैलेंट्री अवार्ड मिला। उन्होंने बाढ़ और राहत कार्यों में असाधारण साहस दिखाया, और राष्ट्रपति द्वारा वायु सेना पदक (Gallantry) से सम्मानित हुईं।

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