IAS Preeti Beniwal: हादसे के बाद हुए 14 ऑपरेशन, एक साल रहीं बेड पर, ऐसी है आईएएस प्रीति बेनीवाल की कहानी
वर्ष 2016 में प्रीति एफसीआई में विभागीय पदोन्नति के लिए गाजियाबाद में परीक्षा देने जा रही थीं, इस दौरान वह एक रेल हादसे का शिकार हो गईं। पैर फिसलने के कारण ट्रेन के सामने जा गिरीं और ट्रेन उन के शरीर के ऊपर से होकर गुजर गई।
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IAS Preeti Beniwal: संघर्षों और विषम परिस्थितियों से लड़कर सफलता हासिल करने वाली कई महिलाओं में एक आईएएस अफसर का नाम शामिल है। इस महिला आईएएस अधिकारी के साथ एक हादसा हुआ, जिसके बाद उनकी दुनिया ही बदल गई। हादसे के कारण उन्हें एक साल बिस्तर पर रहना पड़ा। शारीरिक अक्षमता को ठीक करने के लिए 14 सर्जरी कराई, हालांकि इसके बाद भी वह चल पाने में असमर्थ थीं। इस हादसे से वह शारीरिक तौर पर तो कमजोर हुई हीं, साथ ही उनकी शादी भी टूट गई। पति और ससुराल ने छोड़ा, लोगों ने कोसा, फिर भी इस महिला ने हार नहीं मानी और विषम परिस्थितियों का डटकर सामना करते हुए न केवल अपने पैरों पर खड़ी हुईं, बल्कि एक आईएएस अधिकारी बनकर दिखाया। संघर्षों का सामना कर रहे हर व्यक्ति की उम्मीद बढ़ाने वाली और महिलाओं के लिए मिसाल बनने वाली इस आईएएस अधिकारी का नाम प्रीति बेनीवाल है। आइए जानते हैं आईएएस प्रीति बेनीवाल के संघर्ष से सफलता तक की कहानी।
कौन हैं प्रीति बेनीवाल?
प्रीति बेनीवाल हरियाणा के दुपेडी गांव की रहने वाली हैं। प्रीति एक आईएएस अफसर हैं। उन्होंने वर्ष 2020 में लोक संघ सेवा आयोग की परीक्षा पास की थीं और ऑल इंडिया 754 वीं रैंक हासिल की थी।
प्रीति बेनीवाल का जीवन परिचय
हरियाणा की प्रीति बेनीवाल के पिता का नाम सुरेश कुमार था, जो कि पानीपत के एक थर्मल प्लांट में नौकरी करते थे। उनकी माता बबिता एक आंगनबाड़ी में कार्य करती थीं।
आईएएस प्रीति बेनीवाल की शिक्षा
प्रीति की शुरुआती शिक्षा फाफ दाना के एक निजी स्कूल से हुई। बाद में उन्होंने पानीपत के स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की। 12वीं की पढ़ाई प्रीति ने मतलौडा से पूरी की। पढ़ाई में प्रीति का शुरू से ही उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। आगे की पढ़ाई के लिए प्रीति ने इसराना कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने बी.टेक और एम.टेक ऑनर्स की डिग्री हासिल की।
प्रीति बेनीवाल की करियर
डिग्री लेने के बाद प्रीति ने वर्ष 2013 में बहादुरगढ़ के ग्रामीण बैंक में क्लर्क के पद पर कार्य करना शुरू किया। इस दौरान वह सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा की तैयारी करती रहीं। तीन साल यानी वर्ष 2016 तक यहां नौकरी के बाद वह एफसीआई (FCI) में असिस्टेंट जनरल II के पद के लिए चयनित हुईं। उनकी पोस्टिंग करनाल हुई। वर्ष 2021 में प्रीति ने विदेश मंत्रालय में सहायक अनुभाग अधिकारी का पदभार संभाला।
आईएएस प्रीति बेनीवाल का संघर्ष
प्रीति के जीवन में सब कुछ सही चल रहा था लेकिन एक दिन अचानक उनके जीवन में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वर्ष 2016 में प्रीति एफसीआई में विभागीय पदोन्नति के लिए गाजियाबाद में परीक्षा देने जा रही थीं, इस दौरान वह एक रेल हादसे का शिकार हो गईं। पैर फिसलने के कारण ट्रेन के सामने जा गिरीं और ट्रेन उन के शरीर के ऊपर से होकर गुजर गई।
शारीरिक अक्षमता
इस हादसे के बाद प्रीति बुरी तरह से जख्मी हो गईं। उनकी 14 सर्जरी और बाईपास हुआ, हालांकि वह चलने में असमर्थ हो गईं। पूरी तरह से बिस्तर पर आ गईं। इस हादसे से टूट चुकी प्रीति के पति और ससुराल वालों ने भी उनसे नाता तोड़ लिया। प्रीति ने हिम्मत नहीं हारी और यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करना शुरू कर दिया।
यूपीएससी में दो बार असफल
प्रीति बेनीवाल के लिए यह आसान नहीं था। दो बार यूपीएससी परीक्षा में वह असफल रहीं लेकिन वर्ष 2020 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की और ऑल इंडिया 754वीं रैंक हासिल की। आज वह उन सभी लोगों के लिए मिसाल हैं, जो संघर्षों और जीवन के दुखों से हताश हो जाते हैं।

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