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IAS Garima Agrawal: इन दो परीक्षाओं ने बदली गरिमा अग्रवाल की जिंदगी, आईपीएस से आईएएस बनने तक का ऐसा रहा सफर
Wed, 09 Mar 2022 02:25 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Wed, 09 Mar 2022 02:25 PM IST
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IAS Garima Agrawal
- फोटो : instagram/garimakagrawal
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कहते हैं कि एक बार ठान लिया जाये तो आसमान को भी अपने कदमों में लाया जा सकता है। बात अगर लड़कियों की हो तो ये कहावत भी सही बैठती है। भले ही आसमान जमीन पर न आये लेकिन लड़कियां ऊंची उड़ान भरकर उसे तब भी छू ही लेती हैं। इस बात पर यकीन न आये तो आईएएस गरिमा अग्रवाल की कहानी जरूर जान लीजिए। गरिमा अग्रवाल वो लड़की है, जिसने दो प्रयास किये। दोनों प्रयासों में सफल रहीं। पहले ही प्रयास में आईपीएस क्रैक किया और अगले साल दूसरे प्रयास में आईएएस।
हर साल लाखों अभ्यर्थी आईएएस और आईपीएस बनने के लिए खूब मेहनत करते हैं। उनमें से कई अभ्यर्थियों की मेहनत भी रंग लाती है। लेकिन गरिमा अग्रवाल ने मेहनत के साथ किया था दृढ़ निश्चय। शायद यही वजह है कि देश की दो सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने की गरिमा की कोशिश पहली बार में ही सफल हो गयी। चलिए जानते हैं गरिमा अग्रवाल के आईपीएस और फिर आईएएस बनने की कहानी।
आईएएस गरिमा अग्रवाल कौन है
गरिमा अग्रवाल मध्यप्रदेश के खरगोन की रहने वाली हैं। गरिमा अग्रवाल ने शुरुआती पढ़ाई खरगोन के ही सरस्वती विद्या मंदिर से की। गरीमा बचपन से ही पढ़ने में काफी अच्छी थी। उन्होंने 10वीं की परीक्षा में 92% अंक प्राप्त किये थे तो वहीं गरिमा 12वीं में 89% अंकों से पास हुईं थीं। गरिमा एक व्यवसायिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इसके अलावा गरिमा की बड़ी बहन प्रीति अग्रवाल ने भी 2013 में भारतीय डाक सेवा की परीक्षा पास की थी।
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2017 में गरिमा अग्रवाल का आईपीएस के लिए सलेक्शन
इसके बाद गरिमा ने आईआईटी हैदराबाद से स्नातक की पढ़ाई की और जर्मनी में इंटर्नशिप की। बाद में यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। गरिमा ने करीब डेढ़ साल तैयारी के बाद अपने पहले ही प्रयास में साल 2017 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 240वीं रैंक हासिल की। हालाँकि, वह इससे संतुष्ट नहीं थीं और फिर से तैयारी शुरू कर दी।
आईपीएस के बाद गरिमा ने पास की आईएएस की परीक्षा
हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने आईएएस की तैयारी जारी रखी। अगले ही साल 2018 में उन्होंने आईएएस के लिए फिर से एग्जाम दिया और अपने दूसरे ही प्रयास में गरिमा ने लंबी छलांग लगाई। इस बार गरिमा ने 40 वीं रैंक हासिल की। गरिमा अपने सपने के करीब पहुंच गयीं। उन्होंने आईएएस बनने के लक्ष्य को पूरा कर लिया। साल 2019-2020 में गरिमा ने एलबीएस अकादमी, मसूरी में अपना प्रशिक्षण पूरा किया। वर्तमान में गरिमा अग्रवाल तेलंगाना में सहायक जिला मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं।
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हर साल लाखों अभ्यर्थी आईएएस और आईपीएस बनने के लिए खूब मेहनत करते हैं। उनमें से कई अभ्यर्थियों की मेहनत भी रंग लाती है। लेकिन गरिमा अग्रवाल ने मेहनत के साथ किया था दृढ़ निश्चय। शायद यही वजह है कि देश की दो सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने की गरिमा की कोशिश पहली बार में ही सफल हो गयी। चलिए जानते हैं गरिमा अग्रवाल के आईपीएस और फिर आईएएस बनने की कहानी।
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आईएएस गरिमा अग्रवाल कौन है
गरिमा अग्रवाल मध्यप्रदेश के खरगोन की रहने वाली हैं। गरिमा अग्रवाल ने शुरुआती पढ़ाई खरगोन के ही सरस्वती विद्या मंदिर से की। गरीमा बचपन से ही पढ़ने में काफी अच्छी थी। उन्होंने 10वीं की परीक्षा में 92% अंक प्राप्त किये थे तो वहीं गरिमा 12वीं में 89% अंकों से पास हुईं थीं। गरिमा एक व्यवसायिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इसके अलावा गरिमा की बड़ी बहन प्रीति अग्रवाल ने भी 2013 में भारतीय डाक सेवा की परीक्षा पास की थी।
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2017 में गरिमा अग्रवाल का आईपीएस के लिए सलेक्शन
इसके बाद गरिमा ने आईआईटी हैदराबाद से स्नातक की पढ़ाई की और जर्मनी में इंटर्नशिप की। बाद में यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। गरिमा ने करीब डेढ़ साल तैयारी के बाद अपने पहले ही प्रयास में साल 2017 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 240वीं रैंक हासिल की। हालाँकि, वह इससे संतुष्ट नहीं थीं और फिर से तैयारी शुरू कर दी।
आईपीएस के बाद गरिमा ने पास की आईएएस की परीक्षा
हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने आईएएस की तैयारी जारी रखी। अगले ही साल 2018 में उन्होंने आईएएस के लिए फिर से एग्जाम दिया और अपने दूसरे ही प्रयास में गरिमा ने लंबी छलांग लगाई। इस बार गरिमा ने 40 वीं रैंक हासिल की। गरिमा अपने सपने के करीब पहुंच गयीं। उन्होंने आईएएस बनने के लक्ष्य को पूरा कर लिया। साल 2019-2020 में गरिमा ने एलबीएस अकादमी, मसूरी में अपना प्रशिक्षण पूरा किया। वर्तमान में गरिमा अग्रवाल तेलंगाना में सहायक जिला मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं।

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