IAS Durga Shakti Nagpal: मिलिए दमदार महिला आईएएस से, जिन्होंने रेत के अवैध खनन को किया खत्म
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देश की महिला आईपीएस और आईएएस अफसरों के किस्से कम नहीं है। कोई अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती है, तो कोई ईमानदारी के लिए। किसी महिला ने अफसर बनने के लिए विषम परिस्थितियों का सामना किया तो किसी ने प्रशासनिक सेवा में आने के बाद समाज के विकास और सुधार के लिए दमदार एक्शन लिए। कई दमदार महिला अफसरों की कहानी हर लड़की को प्रेरित करती हैं। आगे बढ़ने, सपने देखने और लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयास करते रहने के लिए उत्साहित करती हैं। ऐसी ही एक महिला अफसर हैं, जिनका नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं। यह महिला अफसर अक्सर ही चर्चा में बनी रहती हैं। कभी अपने निजी जीवन को लेकर तो कभी अपनी कार्यशैली को लेकर। इस महिला अधिकारी का नाम है, आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल। अपने नाम की तरह ही दुर्गा शक्ति नागपाल एक ऐसी महिला शक्ति हैं, जो महिलाओं के लिए आदर्श हैं। चलिए जानते हैं कौन हैं दुर्गा शक्ति नागपाल, उनके आईएएस बनने के सफर और प्रशासनिक सेवा में उनकी कार्यशैली के बारे में, जिनके कारण वह सुर्खियों में रहीं।
दुर्गा शक्ति नागपाल का जीवन परिचय
दुर्गा शक्ति नागपाल यूपी कैडर की आईएएस अफसर हैं। यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद पंजाब कैडर में उनकी नियुक्ति हुई। ड्यूटी के डेढ़ साल के अंदर ही उन्होंने एक भूमि घोटाले का खुलासा किया। ग्रेटर नोएडा में रेत माफिया के खिलाफ एक्शन लिया। उनके पति भी एक प्रशासनिक अधिकारी हैं। अखिलेश सरकार में उनको सस्पेंड कर दिया। उस समय उनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई थी। मामला तात्कालिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक पहुंच गया था।
दुर्गा शक्तिनाग पाल का बचपन और परिवार
आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल का जन्म 25 जून 1985 को छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में हुआ था। उनके पिता सुभाष नागपाल भारतीय सांख्यिकी सेवा अधिकारी थे। उनके दादा का नाम घनश्याम नागपाल है, जो कि एक पुलिस अधिकारी थे, जिनकी दिल्ली के सदर बाजार में 1954 को देश सेवा के दौरान हत्या कर दी गई थी।
आईएएस की शिक्षा
दुर्गा शक्ति नागपाल ने साल 2007 में इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। उसके बाद दुर्गा नागपाल ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। साल 2008 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की। उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा के लिए हो गया। बाद में दुर्गा शक्ति नागपाल ने 2009 में सिविल सेवा पास की और 20वीं रैंक हासिल की।
दुर्गा शक्ति नागपाल का करियर
यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद दुर्गा शक्ति नागपाल को पंजाब कैडर दिया गया और मोहाली में उनकी पोस्टिंग हो गई। मोहाली में पोस्टिंग के दौरान भूमि घोटाला निकाला। ग्रेटर नोएडा में पोस्टिंग के समय आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल ने रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ ऑपरेशन चलाते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। साथ ही 24 डंपर ट्रक और 300 ट्रॉलियां जब्त की थीं।
दुर्गा नागपाल के पति भी आईएएस
दुर्गा नागपाल की शादी अभिषेक सिंह से हुई, वह भी 2011 बैच के एक आईएएस अधिकारी है। यूपी कैडर के आईएएस अभिषेक सिंह से शादी के बाद दुर्गा शक्ति नागपाल को भी यूपी कैडर मिला।
दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन की वजह
ग्रेटर नोएडा के एक गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिराने के आरोप में यूपी सरकार ने दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई, जिसमें कहा गया कि उन्हें दीवार गिराने का कोई अधिकार नहीं था। उनके निलंबन पर बड़े पैमाने पर विरोध किया गया। किरण बेदी समेत कई बड़ी हस्तियों और नेताओं ने उनका समर्थन किया। जनता का समर्थन मिलने के बाद साल 2013 में 22 सितंबर को दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन रद्द कर दिया गया और अक्टूबर में कानपुर देहात में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर उनकी नियुक्त मिली।

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