IAS Devyani: पांचवें प्रयास में पास की यूपीएससी की परीक्षा, ऐसी है हरियाणा की छोरी की कहानी
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यूपीएससी की तैयारी करना काफी परिश्रम का काम है। हर साल लाखों अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज की परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं, जिसमें से गिने-चुने अभ्यर्थी ही पास हो पाते हैं। हाल ही में यूपीएससी 2020 फाइनल परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ है, जिसमें कई अभ्यर्थियों का सपना पूरा हुआ। इस साल भी कई लड़कियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कई लड़कियों ने अपनी सम्मानित नौकरी और प्रोफेशन को छोड़कर आईएएस बनने का सपना देखा और उसे पूरा किया। इन्हीं लड़कियों में एक नाम है हरियाणा की देवयानी का। देवयानी ने इस साल यूपीएससी 2020 में ऑल इंडिया लेवल पर ग्यारहवीं रैंक हासिल की है। उनके लिए ये सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि देवयानी ने पांचवें अटेंप्ट में परीक्षा पास की है। हालांकि इसके पहले अपने चौथे प्रयास में देवयानी की 222 रैंक आई थी। चलिए जानते हैं कौन हैं देवयानी।
देवयानी हरियाणा की रहने वाली हैं। महेंद्रगढ़ में उनका जन्म हुआ। देवयानी के पिता का नाम विनय सिंह है, जो कि हिसार में संभागीय आयुक्त के पद पर तैनात हैं। देवयानी ने शुरू से ही अपने पिता को प्रशासनिक सेवा में कार्यरत देखा। वह भी अपने पिता की तरह ही बनना चाहती थीं।
देवयानी की शिक्षा
देवयानी की शुरुआती शिक्षा चंडीगढ़ से हुई, जहां उन्होंने एसएच सीनियर सेकेंडरी स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद साल 2014 में देवयानी ने बिट्स पिलानी गोवा कैंपस से डिग्री हासिल की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है।
देवयानी ने पांचवें प्रयास में पास किया यूपीएससी
इसके बाद देवयानी ने यूपीएससी को लक्ष्य बनाया। प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी। हालांकि देवयानी के लिए आईएएस बनना आसान नहीं था। लगातार तीन बार यूपीएससी परीक्षा में असफलता मिली। उन्होंने साल 2015, 16-17 में सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी थी, लेकिन उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई।
पहले और दूसरे एग्जाम में देवयानी ने प्री एग्जाम तक पास नहीं किया था, लेकिन अपने तीसरे प्रयास में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गई थीं। हालांकि फाइनल लिस्ट में उनका नाम नहीं आया। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में 222वीं रैंक हासिल की। चार बार लगातार अपने लक्ष्य तक न पहुंच पाने के बाद भी देवयानी ने प्रयास जारी रखा।
सेंट्रल ऑडिट विभाग में कार्यरत रहते की तैयारी
2019 में 222वीं रैंक हासिल करने के बाद देवयानी का चयन सेंट्रल ऑडिट विभाग में हो गया और उन्हें अपनी ट्रेनिंग भी शुरू कर दी। देवयानी का चयन राजस्थान सिविल सेवा में हुआ था। बाद में 2020 यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया लेवल पर ग्यारहवीं रैंक हासिल की।
हफ्ते में दो दिन करती थीं पढ़ाई
देवयानी को सेंट्रल विभाग में चयन होने के बाद से ज्यादा पढ़ाई करने का समय नहीं मिला। वह केवल शनिवार और रविवार को ही पढ़ाई करती थीं। हफ्ते में 2 दिन पढ़ाई करने के बाद भी उन्होंने 11वीं रैंक हासिल कर ली। इसके लिए देवयानी ने वैकल्पिक सब्जेक्ट में ज्यादा नंबर लाने का लक्ष्य रखा। इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने माॅक टेस्ट का सहारा लिया। इसके अलावा रोज अखबार पढ़ती थी और ध्यान देती।

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