Brijeshwari Kumari Gohil: गुजरात की विरासत को फैला रहीं शाही परिवार की वंशज, जानें बृजेश्वरी गोहिल के बारे में
वर्तमान में ब्रिजेश्वरी भावनगर में इंटैक चैप्टर की भी सदस्य हैं, जहां वह एक पुराने संग्रहालय का जीर्णोद्धार कर रही हैं। इसमें प्राचीन वस्त्र और स्थानीय शिल्प वस्तुएं शामिल हैं।
विस्तार
Brijeshwari Kumari Gohil : गुजरात के भावनगर के पूर्व शाही परिवार की वंशज बृजेश्वरी गोहिल शहर की विरासत को कला, क्राफ्ट व फैशन के रूप में फैलाने का प्रयास कर रही हैं। हेरिटेज कंजर्वेशन की शिक्षा के लिए वह यूके चली गईं। स्वदेश वापसी के बाद उन्होंने कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया।
विरासत विशेषज्ञ ब्रिजेश्वरी कुमारी गोहिल ने नॉटिंघम विश्वविद्यालय से पुरातत्व और कला इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की। वहीं डरहम विश्वविद्यालय से विरासत प्रबंधन और संरक्षण में मास्टर डिग्री के साथ ही जेजे कॉलेज ऑफ आर्ट्स, मुंबई से बिल्ड हेरिटेज कंजर्वेशन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है।
करियर
बृजेश्वरी कुमारी गोहिल ने पढ़ाई पूरी करने के बाद लुंबिनी, नेपाल में डरहम यूनेस्को चेयर और सीएसएमवीएस मुंबई में कला संरक्षण विभाग में एक शोधकर्ता के रूप में कार्य किया। बृजेश्वरी ने पीरामल आर्ट फाउंडेशन के साथ पांच साल तक काम किया, जहां उन्होंने पीरामल म्यूजियम ऑफ आर्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने प्रकृति संस्कृति और भारत के शिल्प जो पूरी तरह से पर्यावरण पर निर्भर हैं, पर एक प्रदर्शनी के लिए कच्छ, जैसलमेर, तेलंगाना और असम के गांवों सहित भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की। बृजेश्वरी भानु अथैया की विरासत पर एक प्रदर्शनी का आयोजन कर चुकी हैं।
पुराने संग्रहालय का जीर्णोद्धार
वर्तमान में ब्रिजेश्वरी भावनगर में इंटैक चैप्टर की भी सदस्य हैं, जहां वह एक पुराने संग्रहालय का जीर्णोद्धार कर रही हैं। इसमें प्राचीन वस्त्र और स्थानीय शिल्प वस्तुएं शामिल हैं। इतना ही नहीं ब्रिजेश्वरी ने अपना खुद का ब्रांड, भावनगर हेरिटेज शुरू किया है। यह ब्रांड महिला कारीगरों के साथ लोकल हैंड एंब्रॉयडरी और बीड वर्क पर काम करता है। बृजेश्वरी का ब्रांड वर्तमान में दो ऑक्शन हाउस के साथ भी काम कर रहा है।

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