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वैश्विक लैंगिक समानता के मामले में भारत नीचे गिरकर पहुंचा 140वें पायदान पर
Thu, 08 Apr 2021 09:51 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Thu, 08 Apr 2021 09:51 AM IST
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लैंगिक समानता
- फोटो : पेक्सेल्स
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2021 की ताजा रिपोर्ट ने भारत में महिलाओं की चिंताजनक स्थिति पर और भी गहरी मुहर लगा दी है। इस रिपोर्ट में भारत जेंडर गैप के मामले में पूरे 28 पायदान नीचे गिरकर 140वें पायदान पर पहुंच चुका है। लैंगिक समानता के मामले में ये पायदान इसलिए बुरा है क्योंकि ये रैंकिंग भारत को कुल 156 देशों की लिस्ट में मिली है।
भारत लैंगिक समानता के मामले में दक्षिण एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन वाला देश बन चुका है। भारत के ये हालात इतने खराब हैं कि उसकी स्थिति म्यांमार और बांग्लादेश से भी नीचे पायदान पर है। बता दें कि साल 2020 में भारत 153 देशों में 112वीं पोजीशन पर था।
156 देशों का ये आंकड़ा रिपोर्ट में आर्थिक अवसरों, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों के आधार पर तैयार की जाती है। इस साल की रिपोर्ट पर कोरोना महामारी का साफ असर है और लॉकडाउन के दौरान महिलाओं की दयनीय स्थिति के कारण अब कई साल लग जाएंगे महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए।
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भारत लैंगिक समानता के मामले में दक्षिण एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन वाला देश बन चुका है। भारत के ये हालात इतने खराब हैं कि उसकी स्थिति म्यांमार और बांग्लादेश से भी नीचे पायदान पर है। बता दें कि साल 2020 में भारत 153 देशों में 112वीं पोजीशन पर था।
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156 देशों का ये आंकड़ा रिपोर्ट में आर्थिक अवसरों, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों के आधार पर तैयार की जाती है। इस साल की रिपोर्ट पर कोरोना महामारी का साफ असर है और लॉकडाउन के दौरान महिलाओं की दयनीय स्थिति के कारण अब कई साल लग जाएंगे महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए।
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