ऐसा देश जहां महिलाओं की पुरुषों से ज्यादा नियुक्ति पर लगा जुर्माना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फ्रांस के नगर निकाय पेरिस सिटी हॉल में साल 2018 में ऊंचे पदों पर ज्यादा महिलाओं को नियुक्त कर लैंगिक समानता के नियम का उल्लंघन किया गया है। जिसकी वजह से उन पर नब्बे हजार यूरो लगभग (81,20,144 रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। वहीं इस आरोप और उसकी वजह से लगे जुर्माने को पेरिस की मेयर ऐनी हि़डाल्गो ने अनुचित और असंगत बताया है।
दरअसल, ये नियुक्तियां साल 2013 के उस नियम की अनदेखी है, जिसमें महिलाओं को सिविल सेवा में वरिष्ठ पदों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुवादेत लॉ पारित किया गया। इस कानून के तहत महिला और पुरुष दोनों की 40 प्रतिशत नियुक्ति जरूरी है।
मेयर ने कहा, महिलाओं को बढ़ावा देने की जरूरत
पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने कहा, हां, हमें दृढ़ता के साथ महिलाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है, क्योंकि फ्रांस अब भी इस मुद्दे पर काफी पिछड़ा है। लैंगिक समानता प्राप्त करने के लिए, गति को तेज करना और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि नामांकन में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं हों।
यूरोपीय देशों में सबसे उदारवादी और धर्मनिरपेक्ष होने के बाद भी फ्रांस में महिलाओं के साथ भेदभाव होता आ रहा है। वरिष्ठ पदों पर पुरुषों का कब्जा और महिलाओं की भागीदारी काफी सीमित है। प्रशासनिक पदों पर हालात और भी बदतर है। साल 2018 में सिविल सेवाओं में केवल 31 फीसदी महिलाएं ही थीं। इस तरह महिला बराबरी के मामले में फ्रांस काफी पिछड़ा हुआ है।

कमेंट
कमेंट X