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चांद पर चमकेगा 7 साल की बच्ची का बनाया ये स्टिकर, एलिजाबेथ नॉर्मन ने छोटी उम्र में किया ये कमाल
Wed, 12 May 2021 10:46 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Wed, 12 May 2021 10:46 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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सात साल की नन्हीं एलिजाबेथ का कारनामा अब चांद पर भी चमकेगा। उभरती हुई एस्ट्रोनॉट एलिजाबेथ नॉर्मन दुनिया की पहली ऐसी बच्ची है जिसकी बनी चीज चांद पर जाएगी। दरअसल. एलिजाबेथ ने स्टिकर बनाकर तैयार किया है। जिसे चांद पर रखे टाइम कैप्सूल में रखा जाएगा। एस्ट्रो लिज लैब नाम का ये स्टिकर उस टाइम कैप्सूल में रखा जाएगा जिसे साल 1972 में चांद पर रखा गया था।
नॉर्मन की मां ने बताया कि मार्स रोवर की लैडिंग के बाद से नॉर्मन का ध्यान स्पेस साइंस की तरफ गया। उसने अपना रॉकेट भी लॉन्च किया है। जिसका नाम वल्केन सेंचोर है। 7 फिट का ये कॉर्डबोर्ड मॉडल है। जिसे डेवलप करने का काम अमेरिकन स्पेसक्राफ्ट लॉन्च सर्विस प्रोवाइडर, यूनाइटेड लॉन्च एलियांस ने किया है। नन्हीं सी नॉर्मन अपने सोशल मीडिया चैनल एस्ट्रो लिज लैब के जरिए अपने प्रयोगों को पोस्ट करती हैं। हाल ही में उसने नासा द्वारा संचालित पांच हफ्ते का प्रोग्राम 'वर्चुअल मिशन टू मार्स' पूरा किया है। इस कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि नॉर्मन युवाओं के लिए रोल मॉडल बनेंगी। स्पेस के लिए किया गया एलिजाबेथ का प्रयास सराहनीय है। उन्हें इस बच्ची के स्टिकर को चांद पर भेजते हुए गर्व महसूस हो रहा है।
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नॉर्मन की मां ने बताया कि मार्स रोवर की लैडिंग के बाद से नॉर्मन का ध्यान स्पेस साइंस की तरफ गया। उसने अपना रॉकेट भी लॉन्च किया है। जिसका नाम वल्केन सेंचोर है। 7 फिट का ये कॉर्डबोर्ड मॉडल है। जिसे डेवलप करने का काम अमेरिकन स्पेसक्राफ्ट लॉन्च सर्विस प्रोवाइडर, यूनाइटेड लॉन्च एलियांस ने किया है। नन्हीं सी नॉर्मन अपने सोशल मीडिया चैनल एस्ट्रो लिज लैब के जरिए अपने प्रयोगों को पोस्ट करती हैं। हाल ही में उसने नासा द्वारा संचालित पांच हफ्ते का प्रोग्राम 'वर्चुअल मिशन टू मार्स' पूरा किया है। इस कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि नॉर्मन युवाओं के लिए रोल मॉडल बनेंगी। स्पेस के लिए किया गया एलिजाबेथ का प्रयास सराहनीय है। उन्हें इस बच्ची के स्टिकर को चांद पर भेजते हुए गर्व महसूस हो रहा है।
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