फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Dr Jayshree Mondkar is also known as the god mother of child she has been commanding Indias first breast milk bank for the last 32 years

ये हैं शिशुओं की गॉडमदर, पिछले 32 सालों से संभाल रही हैं भारत के पहले ह्यूमन मिल्क बैंक की कमान

Thu, 05 Aug 2021 04:30 PM IST
संकल्प सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Thu, 05 Aug 2021 04:30 PM IST
सार

शिशुओं के लिए मुंबई का सिविक रन सियॉन हॉस्पिटल एक वरदान से कम नहीं है। ये भारत के पहले ह्यूमन मिल्क बैंक के रूप में भी जाना जाता है। 27 नवंबर 1989 में डॉ. अर्मिदा फर्नांडीस के नेतृत्व में इसकी स्थापना हुई।

उस समय से लेकर अब तक डॉ. जयश्री मोंडकर इसकी बागडोर संभाले हुए हैं। जयश्री मोंडकर इस हॉस्पिटल में नियोनेटोलॉजी विभाग की हेड हैं। इसके अलावा वे यहां के ह्यूमन मिल्क बैंक की इंचार्ज भी हैं। उन्हें भारत की गॉडमदर के नाम से भी जाना जाता है। ये बैंक उन शिशुओं को दूध मुहैया करवाता है, जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पाता है।

विज्ञापन
Dr Jayshree Mondkar is also known as the god mother of child she has been commanding Indias first breast milk bank for the last 32 years
डॉ जयश्री मोंडकर - फोटो : Social media

विस्तार

मां का दूध शिशुओं के जीवन में काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी के जरिए उनके शरीर के प्रारंभिक ग्रंथियों के विकास होने में मदद मिलती है। हमारे भारत में ऐसे कई नवजात शिशु हैं, जिन्हें पैदा होने के बाद मां का शुद्ध दूध नहीं मिल पाता। इस कारण उन्हें भविष्य मेंं कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे शिशुओं के लिए मुंबई का सिविक रन सियॉन हॉस्पिटल एक वरदान से कम नहीं है। ये भारत के पहले ह्यूमन मिल्क बैंक के रूप में भी जाना जाता है। 27 नवंबर 1989 में डॉ. अर्मिदा फर्नांडीस के नेतृत्व में इसकी स्थापना हुई।

विज्ञापन


उस समय से लेकर अब तक डॉ. जयश्री मोंडकर इसकी बागडोर संभाले हुए हैं। जयश्री मोंडकर इस हॉस्पिटल में नियोनेटोलॉजी विभाग की हेड हैं। इसके अलावा वे यहां के ह्यूमन मिल्क बैंक की इंचार्ज भी हैं। उन्हें भारत की गॉडमदर के नाम से भी जाना जाता है। ये बैंक उन शिशुओं को दूध मुहैया करवाता है, जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पाता है।

विज्ञापन

डॉ. जयश्री मोंडकर का इस क्षेत्र में योगदान सराहनीय है। उनके इस प्रयास से भारत के न जाने कितने शिशुओं को मां का दूध मिल रहा है। डॉ मोंडकर बताती हैं - "मां का दूध एक शिशु के जीवन में काफी महत्वपूर्ण होता है। उसी के जरिए उसके सर्वांगीण विकास होने में मदद मिलती है।"

आगे वे कहती हैं - "अगर किसी शिशु को मां का दूध नहीं मिल रहा है, तो वह बेझिझक यहां के ह्यूमन मिल्क बैंक से दूध को ले सकता है।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करीब 32 साल पहले  जब इस बैंक की शुरुआत हुई थी। उस दौरान साल के भीतर महज 200 से 300 लीटर दूध इकट्ठा हो पाता था। 

विज्ञापन

अब हर साल यहां पर 800 से 1200 लीटर मां दूध जमा होता है। एक दिन में करीब 3 से 4 लीटर मां का दूध यहां पर इकट्ठा हो जाता है। हमारे यहां एक गलत धारणा है कि मां का दूध डोनेट करने से उसकी सप्लाई कम हो जाती है। आपको बता दें एक मां जितना दूध डोनेट करती है। उसकी सप्लाई भी उतना ज्यादा बढ़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed