कोरोना वैक्सीन बनाने वाली टीम में शामिल हैं भारतीय मूल की वैज्ञानिक चंद्रबली दत्ता
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चंद्रबली दत्ता कोरोना वैक्सीन बनाने वाली टीम का हिस्सा हैं जो अमेरिका के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में परीक्षण के दूसरे और तीसरे चरण में है। वो यहां पर क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर के तौर पर काम करती हैं। और कहती हैं कि 'वो इस टीम का हिस्सा बनकर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं, पूरी दुनिया की उम्मीद हम पर टिकी हुई है।' कोलकाता में जन्मी और पली-बढ़ी चंद्रबली दत्ता इस यूनिवर्सिटी में काम करती हैं। कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अब दूसरे और तीसरे चरण में चल रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ये वैक्सीन कोरोना जैसे खतरनाक वायरस को खत्म करने में कामयाब हो जाएगी।
मिस चंद्रबली दत्ता अपने बारे में बताती हैं कि उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कोलकाता से पूरी की है। उन्हें बचपन से ही जीव विज्ञान और गणित जैसे विषय पसंद थे। हालांकि उन्होंने कम्प्यूटर साइंस की भी पढ़ाई की थी और भारत में एसोसिएट सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया है। लेकिन उन्हें ये फील्ड पसंद नहीं आया और वो फिर से बायोटेक के क्षेत्र में लौट आईं। दत्ता बताती हैं कि उनकी बचपन के दोस्त नॉटिंघम में पढ़ाई करते हैं और उन्होंने ही मुझे यूके में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। यूनाइटेड किंगडम महिलाओं की समानता के मामले में काफी बेहतर है। इसलिए मैंने यहां से बायोटेक में मास्टर्स की डिग्री लेने का निर्णय किया।
मिस दत्ता बताती हैं कि अपने देश को छोड़कर यहां आना थोड़ा मुश्किल भरा था। क्योंकि मेरी मां नहीं चाहतीं थी कि उनकी इकलौती संतान पढ़ाई के लिए दूसरे देश जाए लेकिन मेरे पिता हमेशा से मेरे साथ थे और चाहते थे कि मैं अपने सपनों को पूरा करूं। कठिन मेहनत और लगन से उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में नौकरी पाई और अब वो इस सबसे ज्यादा चर्चित कोरोना वैक्सीन के प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।

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