कोरोना वॉरियर: 21 दिन बाद बेटे को गले लगा पाई कोरोना योद्धा किरन, फूल देकर परिवारवालों ने किया स्वागत
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देश को कोरोना महामारी से बचाने के लिए पुलिस स्टाफ से लेकर मेडिकल स्टाफ वाले दिन रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें सलाम करना तो बनता है। हर दिन किसी न किसी कोरोना योद्धा की खबर सामने आती है। जिसे सुन यकीन होता है कि अगर धरती पर भगवान है तो वो केवल डॉक्टर के रूप में हैं। उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव की एक नर्स ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन जब वो अपने काम से लौटेगी तो सब उसका यूं स्वागत करेंगे।
दरअसल, किरन कुमारी मेडिकल कॉलेड हमीरपुर में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं। उनके क्षेत्र में कोविड 19 अस्पताल आरसीएच में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। जहां पर उन्होंने 7 दिन तक कोरोना मरीजों की देख रेख की। इसके बाद सभी स्टाफ की तरह उन्हें भी 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया था। वहां से लौटने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नही हैं।
पेशे से नर्स किरन कुमारी पुत्री लेखराम शुक्रवार को कोरोना की ड्यूटी निभाकर सकुशल लौटी हैं। घर पहुंचने पर उनके तीन साल के बेटे ने मां को गुलदस्ता देकर स्वागत किया। जिसे देख सभी खुश थे। कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहें योद्धाओं के लिए ये बहुत ही कठिन समय है क्योंकि इस वक्त पर उन्हें अपने घर-परिवार से दूर रहना पड़ता है। वहीं एक बार ड्यूटी पूरी होने के बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाता है। इस दौरान हर किसी को ये भय लगा रहता है कि कहीं योद्धा ही कोरोना से संक्रमित न हो जाएं। एक बार सकुशल वापसी पर परिवार के साथ ही पूरा स्टाफ ही खुशी से झूमता नजर आता है।

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