अपने हाथों से खाना बनाती हैं और फिर इसे जरूरतमंदों में बांटकर आती हैं पेशे से क्लर्क पूजा
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राजस्थान के अलवर की रहने वाली पूजा जो पेशे से क्लर्क हैं। अपने हाथों से खाना बनाकर खुद स्कूटी से इसे जरूरतमंदों में बांटकर आती हैं। फुटपाथ पर पूजा की सफेद रंग की स्कूटी को बहुत सारे गरीब और बेसहारा लोग भलीभांति पहचानते हैं। उनके आते ही उन्हें चैन मिल जाता है। भूखे और बेसहारा लोगों को रोजाना पूजा खाना बनाकर खिलाती हैं।
राजकीय माध्यमिक सालपुर उमरैण में क्लर्क पूजा ने ये काम सात दिन पहले ही शूरू किया है। पहले वो कम लोगों को ही खाना दे पाती थीं। लेकिन अब वो करीब 50 ऐसे जरूरतमंदों का खाना बनाकर पहुंचाती हैं। इस काम में उनके एक सहयोगी जो जिला अस्पताल में काम करते हैं, मदद करते हैं। वो कई बार खाना पहुंचाने विशाल भी पूजा के साथ जाते हैं। इन लोगों का कहना है कि खाने की जरूरत बहुत सारे लोगों को है। ऐसे में वो और भी लोगों को खुद से जोड़ना चाहती हैं।
पूजा को पड़ोसियों से पता चला कि जिनके मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। उनके परिजनों को खाना नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्होंने खाना तैयार कर लोगों तक पहुंचाने की शुरूआत की। जब वो खाना लेकर चलतीं तो रास्ते में बहुत सारे बच्चे और बुजुर्ग उन्हें नजर आने लगें। जिला अस्पताल के बाहर अब वो रोजाना पूजा का इंतजार करते हैं। इस काम में उनके स्कूल का पूरा स्टाफ सहयोग करता है। आर्थिक मदद के साथ ही कुछ लोग खाना पहुंचाने में मदद करते हैं।

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