फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   chhutani devi bhuri bai dulari devi got padma shri award 2021

देश की मिट्टी से जुड़ी इन महिलाओं को मिला भारत का श्रेष्ठ सम्मान पद्मश्री, हर एक की कहानी करती है प्रेरित

Wed, 27 Jan 2021 09:10 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Wed, 27 Jan 2021 09:10 AM IST
विज्ञापन
chhutani devi bhuri bai dulari devi got padma shri award 2021
Padma Shri - फोटो : social media

देश के कोने-कोने से अपनी कलाकारी और साहस के दम पर समाज को एक नई राह दिखाने वाली इन महिलाओं को देश के श्रेष्ठ पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ की इन महिलाओं की कहानी हर किसी के दिल को छू लेगी। कोई घर-घर झाड़ू पोछा लगाने पर मजबूर थीं तो किसी को गांव वालों ने डायन कह गांव से निकाल दिया था। लेकिन ये आज अपने काम से सम्मानित की गई है। तो चलिए जानें इन साधारण सी महिलाओं की असाधारण कहानी।

विज्ञापन

chhutani devi bhuri bai dulari devi got padma shri award 2021
Dulari devi - फोटो : social media
बिहार के मधुबन जिले के रांटी गांव की दुलारी देवी को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। विद्यालयी शिक्षा से वंचित दुलारी देवी कभी झाड़ू पोछा कर जीवन यापन करती थीं। लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम को प्रशंसक बना लिया था। गरीब परिवार में जन्मी दुलारी देवी घरों में काम करने के दौरान प्रख्यात मधुबनी पेंटिंग कलाकार कपूरी देवी के संपर्क में आईं। जहां से उनका इस कला के साथ सफर शुरू हुआ। 

दुलारी देवी ने अबतकर सात हजार पेंटिंग विविध विषयों पर बनाई है। 2012-13 में उन्हें राज्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। गीता वुल्फ की पुस्तक 'फॉलोइंग माइ पेंट ब्रश' और मार्टिन लि कॉज की फ्रेंच में लिखी पुस्तक मिथिला में दुलारी की जीवन गाथा व कलाकृतियां सुसज्जित है। सतरंगी नामक पुस्तक में भी इनकी पेंटिग ने जगह पाई है। इग्नू के लिए मैथिली में तैयार किए गए आधार पाठ्यक्रम के मुखपृष्ठ के लिए भी इनकी पेंटिग चुनी गई। पटना में बिहार संग्रहालय के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुलारी देवी को विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। वहां कमला नदी की पूजा पर इनकी बनाई एक पेंटिग को जगह दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की भूरी देवी को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। भारत के सबसे बड़े आदिवासी भील समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। उन्हें मध्य प्रदेश के द्वारा राज्य के सर्वोच्च शिखर सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। भील कलाकार के तौर पर वो चित्रकारी के लिए कागज और कैनवास का इस्तेमाल करने वाली पहली चित्रकार हैं। भूरी बाई अब भोपाल में आदिवासी लोककला अकादमी में एक कलाकार के तौर पर काम करती हैं। उन्हें मध्यप्रदेश सरकार से सर्वोच्च पुरस्कार शिखर सम्मान (1986-87) प्राप्त हो चुका है। 1998 में मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें अहिल्या सम्मान से विभूषित किया।

झारखंड की छुटनी देवी की कहानी इन सबसे अलग काफी मार्मिक है। कभी डायन कह उन्हें घर-गांव से निकाल दिया गया था। आज 62 साल की छुटनी देवी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। पति और गांव को छोड़ छुटनी अपने चार बच्चों के साथ जंगलों में रहने को मजबूर हो गई थीं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। झारखंड के आसपास के गांवों में महिलाओं को डायन कह उनके साथ दुर्व्यवहार करने की परंपरा सालों पुरानी है। ऐसे में छुटनी देवी ने अपने जैसी प्रताड़ित महिलाओं को इस कलंक के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार किया। आज वो गांव में एसोसिएशन फॉर सोशल एंड ह्यूमन अवेयरनेस (आशा) के सौजन्य से संचालित पुनर्वास केंद्र चलाती हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed