भारतीय मूल की चंद्रा दत्ता, ऑक्सफोर्ड में कोरोना वैक्सीन बनाने वाली टीम का हैं खास हिस्सा
पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी की चपेट में है। चीन के वुहान शहर से फैले इस वायरस का प्रभाव दुनियाभऱ के डेढ़ सौ से ज्यादा देशों पर है। ऐसे में इस वायरस को निष्प्रभावी बनाने के लिए वैक्सीन ईजाद की जा रही है। जिसमें अभी पूरी तरह से किसी भी देश की सफलता नहीं मिली है लेकिन अमेरिका के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिकों की एक टीम वैक्सीन को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बना रही है। जिसमें भी भारतीयों का योगदान है। दरअसल, इस टीम में भारतीय मूल की एक महिला चंद्रा दत्ता भी शामिल हैं। जो यहां पर क्वालिटी अश्योरेंस मैनेजर के तौर पर काम करती हैं। और इस टीम में भी उनका यहीं काम है।
ऑक्सफोर्ड की टीम कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए एंटी वायरल वेक्टर वैक्सीन बना रही है। इस वैक्सीन को पिछले हफ्ते ही इंसानों पर टेस्ट किया गया था। अगर वैक्सीन परीक्षण में पास हो जाती है, तो सितंबर- अक्टूबर से आम लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। चंद्रा ने कोलकाता के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑऱ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग के साथ ही बायो टेक्नोलॉजी की डिग्री ली है। 34 वर्षीय चंद्रा ने 2009 में बायो साइंस में एमएससी करने के लिए यूनाइटेड किंगडम के ली़ड्स यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था। इसके बाद पढ़ाई खत्म कर उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में नौकरी ज्वॉइन कर ली।
अपने काम को बताते हुए चंद्रा दत्ता ने कहा है कि वो बायोमैन्यूफैक्चरिंग विभाग में क्वालिटी अश्योरेंस मैनेजर के रूप में काम कर रही हूं। मेरा काम यहां बनाई जा रहीं वैक्सीन की क्वालिटी को परखना होता है। अगर वैक्सीन में कोई भी गड़बड़ी है तो तुरंत ही उसे दूर करना होता है। अब तक 600 वैक्सीन बना चुकी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी अब 1000 वैक्सीन बनाने का इंतजार कर रही है।

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