Chanda Kochhar: भारतीय बैंकिंग सेक्टर में महिलाओं का वर्चस्व को बढ़ाने वाली चंदा कोचर के बारे में जानें
चंदा कोचर के नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक रिटेल बिजनेस में आया। भारत सरकार ने चंदा कोचर को पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह देश का तीसरा सबसे बड़े नागरिक सम्मान है।
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Chanda Kochhar Former CEO of Private Bank: ऐसे कई भारतीय हैं, जिनकी पहचान दुनिया के सबसे रईस, सबसे शक्तिशाली और टॉप लोगों में शुमार है। इन भारतीयों में केवल पुरुष ही नहीं महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिलाओं ने अपने बल पर देश दुनिया में अपनी दमदार पहचान बना ली है। दुनिया की इन्हीं शक्तिशाली महिलाओं में एक नाम है चंदा कोचर का। चंदा कोचर एक निजी बैंक की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ रह चुकी हैं। भारतीय बैंकिंग सेक्टर में पुरुषों के वर्चस्व को तोड़ते हुए चंदा कोचर ने यह पद हासिल किया। हालांकि उनकी एक गलती ने उन्हें राजा से रंक भी बना दिया। आज देश के सबसे बड़े बैंकों में शामिल आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ रह चुकीं चंदा कोचर का जन्मदिन है। चंदा कोचर के जन्मदिन पर जानें उनके बैंक का सीईओ बनने का सफर।
चंदा कोचर का जीवन परिचय
चंदा कोचर का जन्म राजस्थान के जोधपुर में एक सिंधी परिवार में 17 नवंबर 1961 को हुआ था। उनके पिता का नाम रूपचंद आडवाणी था, जो कि जयपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। पिता के प्रोफेसर होने के कारण चंदा का बचपन एक शैक्षणिक माहौल में हुआ।
चंदा कोचर की शिक्षा
उनकी शुरुआती शिक्षा जयपुर के ही सेंट एंजेला सोफिया स्कूल से हुआ। आगे की पढ़ाई के लिए चंदा मुंबई चली गईं, जहां उन्होंने जय हिंद कॉलेज से बी. काॅम की डिग्री हासिल की। 1982 में स्नातक करने के बाद चंदा ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउंटेंट्स से कॉस्ट एकाउंटेंसी का कोर्स किया। फिर जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज मुंबई से एमएमएस की डिग्री हासिल की। मैनेजमेंट स्टडीज में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चंदा को स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया था।
चंदा कोचर का विवाह
बाद में चंदा ने दीपक कोचर से शादी कर ली, जो कि बिजनेस स्कूल से ही उनके दोस्त थे। चंदा और दीपक कोचर के दो बच्चे हैं।
चंदा कोचर का करियर
- पढ़ाई के बाद साल 1984 में चंदा कोचर ने बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी आईसीआईसीआई में काम करना शुरू किया। महज दस साल में चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई संपूर्ण स्वामित्व वाली बैंकिंग कंपनी बन गई। चंदा की भी इस दौरान तरक्की हुई।
- ट्रेनी से चंदा कोचर असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद पर पहुंच गईं। यहां से लगातार वह सफलता की सीढ़ी चढ़ती रहीं। वह डिप्टी जनरल मैनेजर और जनरल मैनेजर के पद पर आसीन हुईं।
- फिर 2001 में चंदा कोचर को बैंक का एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बना दिया गया। उन्हें कॉरपोरेट बिजनेस की जिम्मेदारी मिली।
- उसके बाद चंदा कोचर चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त हुईं और आखिरकार साल 2009 में चंदा कोचर को बैंक का सीईओ और एमडी बनाया गया।
चंदा कोचर की उपलब्धियां
चंदा कोचर के नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक रिटेल बिजनेस में आया। भारत सरकार ने चंदा कोचर को पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह देश का तीसरा सबसे बड़े नागरिक सम्मान है।

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