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104 साल जीने वाली ब्रह्मकुमारी की हेड राजयोगिनी दादी की लंबी उम्र का क्या था राज?
Tue, 31 Mar 2020 06:30 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Tue, 31 Mar 2020 06:30 AM IST
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Rajyogini Dadi Janki
- फोटो : Twitter
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ब्रह्मकुमारी की हेड राजयोगिनी दादी का पिछले सप्ताह गुरूवार को निधन हो गया था। 104 साल की लंबी आयु जीकर मरने वाली दादी को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर योग और ध्यान का सहारा लिया जाए तो व्यक्ति निरोग होकर लंबी उम्र प्राप्त करेगा। इतनी ज्यादा उम्र की होने के बावजूद वो पूरी संस्था संभालती थीं। तो चलिए जानें उनकी इस लंबी उम्र का राज और राजयोगिनी दादी के जीवन की कुछ बातें।
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सोलह साल की उम्र में राजयोगिनी जी ने अपने जीवन को मनुष्य के कल्याण के लिए समर्पित करने की ठान ली थी। ब्रह्मकुमारी के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा से मिलने के बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि वो सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में अपना योगदान देंगी। राजयोगिनी जी को प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड अंबेसडर भी बनाया था। वहीं उन्हें वर्ल्ड स्टेबल माइंड यानी दुनिया की सबसे स्थिर दिमाग की महिला का खिताब भी दिया गया था।
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राजयोगिनी सौ साल पूरे होने के बाद अपनी दिनचर्या वैसे ही रखती थी। यानी की सुबह तीन बजे उठना और ध्यान करना। साथ में सात्विक भोजन और नियमित दिनचर्या। 1970 में लंदन में सबसे पहले वो आध्यात्मिकता का नारा लेकर गईं थी। जहां से उन्होंने इसे कई सारे देशों में फैलाया था।
राजयोगिनी की लंबी उम्र का राज उनके विचारों में भी छिपा हुआ था। सबके बारे में अच्छा सोचना, नेक इरादा रखना, सबका भला करना और निरंतर काम करना। इन्ही बातों से वो अपनी इतनी बड़ी संस्था की चहेती होने के साथ ही पूरे विश्व में एक ऊंचा स्थान रखती थीं।

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