Chandu V: इतिहास बदलने वाली कोच! जिसने अपने सपने छोड़कर भारत को वर्ल्ड कप दिलाया
Women Cricket Team Coach: भारत की दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने 2025 विश्व कप में जो इतिहास रचा, वह सिर्फ़ खिलाड़ियों की जीत नहीं, बल्कि उस महिला की जीत भी है जिसने अपने सपने त्यागकर दूसरों का भविष्य रोशन करने का निर्णय लिया।
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Bling Women'sTeam Coach Chandu V: चंदू वी की कहानी सिर्फ एक कोच की कहानी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की सबसे खूबसूरत मिसाल है। कभी अपने लिए टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सपना देखने वाली चंदू वी आज उस मुकाम पर खड़ी हैं, जहां उनके सपने से भी बड़ा एक सपना साकार हुआ है। दृष्टिबाधित भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2025 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी ताकत, सबसे बड़ा स्तंभ और सबसे बड़ा हौसला थीं। कोच चंदू वी। यह सिर्फ़ एक जीत नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की ऐसी मिसाल है जिसने साबित कर दिया कि अगर एक महिला किसी और की राह रोशन करने का फैसला कर ले, तो इतिहास बदला जा सकता है।
एक कोच जिसने इतिहास बदल दिया
भारत की दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने 2025 विश्व कप में जो इतिहास रचा, वह सिर्फ़ खिलाड़ियों की जीत नहीं, बल्कि उस महिला की जीत भी है जिसने अपने सपने त्यागकर दूसरों का भविष्य रोशन करने का निर्णय लिया। कोच चंदू वी का अपना सफर किसी सामान्य खिलाड़ी जैसा नहीं था। उन्होंने कर्नाटक के लिए 10 साल से भी ज्यादा क्रिकेट खेला। फिर डब्ल्यूपीएल तक पहुंचीं। उन्होंने इंडिया ए की जर्सी भी पहनी। वो इंडिया की नेशनल टीम तक पहुंचने वाली थीं, लेकिन उसी समय उन्हें एक और सपना दिखाई दिया, ब्लाइंड वूमेन क्रिकेट की दुनिया को बदलने का सपना। उन्होंने अपने करियर के आसान रास्ते को छोड़ दिया और उन खिलाड़ियों का हाथ पकड़ लिया, जिन्हें दुनिया अक्सर देखती ही नहीं।
ब्लाइंड क्रिकेट, आवाज़ के सहारे खेला जाने वाला खेल
ब्लाइंड क्रिकेट कोई सामान्य क्रिकेट नहीं है। इसमें गेंद के भीतर छोटे बियेरिंग भरे होते हैं जिनकी आवाज़ से खिलाड़ी गेंद की दिशा पहचानते हैं। चंदू वी के लिए भी यह पूरी तरह नया था। लेकिन उन्होंने सीखना बंद नहीं किया। उन्होंने मेहनत की, सीखा और फिर उन सभी खिलाड़ी लड़कियों को सिखाया, जो सही से देख नहीं सकती थीं, बस खेल सकती थीं।
विश्व कप 2025 के दौरान चंदू वी का ध्यान चार बातों पर था, अनुशासन, फिटनेस, खेल की रणनीति और मानसिक शक्ति। उनका मानना था कि भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम का भविष्य उज्ज्वल है और आज वर्ल्ड कप की जीत ने यह साबित भी कर दिया।
जब विश्व कप जीत के बाद चंदू वी से पूछा गया कि उन्हें कैसा लग रहा है, तो उन्होंने भावुक होकर कहा, मैं इंडिया के लिए नहीं खेल पाई, लेकिन मैंने 11 लड़कियों को खेलने लायक बनाया। उन्होंने भारत को विश्व कप दिलाया। मुझे और क्या चाहिए?

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