फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Bihar Chhapra Wheelchair teacher sweety kumari inspiring story

तुमसे है उजाला: पोलियो से तलाक तक का सफर, जानिए स्वीटी कुमारी के आत्मविश्वास की कहानी

Sat, 23 Aug 2025 05:29 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sat, 23 Aug 2025 05:29 PM IST
सार

tumse hai ujala : व्हीलचेयर पर स्कूल जाने वाली स्वीटी को बच्चे प्यार से ‘पहिए वाली टीचर’कहते हैं। वह अपनी क्लास के बच्चों को न केवल आत्मनिर्भरता के मायने बताती हैं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की रक्षा कैसे करनी है, इसकी भी सीख देती हैं।

विज्ञापन
Bihar Chhapra Wheelchair teacher sweety kumari inspiring story
स्वीटी कुमारी - फोटो : sweetykumar

विस्तार

Tumse Hai Ujala: बिहार के छपरा जिले की रहने वाली स्वीटी कुमारी प्राथमिक विद्यालय में एक सहायक शिक्षिका हैं, जिन्हें बच्चे प्यार से ‘पहिए वाली टीचर’ कहते हैं, क्योंकि वह व्हीलचेयर पर स्कूल आती हैं। स्वीटी के लिए यह व्हीलचेयर केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सपनों की रफ्तार का प्रतीक है। हालांकि स्वीटी का जीवन कभी भी आसान नहीं रहा। उनके जीवन में कई मोड़ आए। वह कई बार डगमगाईं, लेकिन गिरीं नहीं।

विज्ञापन


स्वीटी बताती हैं, “मेरे जीवन का सबसे पहला और कठिन मोड़ तब आया, जब मैं मात्र छह महीने की थी। उस उम्र में जब एक शिशु को दुनियादारी की कोई समझ नहीं होती, एक गंभीर बीमारी ने मेरे जीवन की दिशा बदल दी। मुझे पोलियो हो गया और उसके असर से मेरी कमर के नीचे के पूरे हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। नतीजा यह हुआ कि मैं आजीवन व्हीलचेयर पर निर्भर हो गई।”

विज्ञापन


शारीरिक स्थिति के कारण मुश्किल से मिला स्कूल में दाखिला

स्वीटी कहती हैं, “मेरे अंदर जितनी हिम्मत है, उससे कहीं ज्यादा मेरे माता-पिता में है। इतनी सी उम्र में मेरी यह अवस्था देख, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी बेटी को ‘बेचारी’ समझने के बजाय उसे आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने का निश्चय किया।” हालांकि स्कूल जाना एक दिव्यांग बच्ची के लिए आसान नहीं था। कई स्कूलों ने उनकी शारीरिक स्थिति देखकर प्रवेश देने से मना कर दिया। किसी तरह स्कूल में दाखिला मिला, लेकिन स्वीटी के लिए खुद स्कूल जाना मुमकिन नहीं था, इसलिए उनके पिता उन्हें रोज गोद में उठाकर स्कूल ले जाते और उनके लिए एक आरामदायक कुर्सी की व्यवस्था करते, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीएड के बाद टीजीटी पास कर सरकारी स्कूल में बनीं शिक्षिका

ऐसे ही कई तरह के संघर्षों से रोज पार पाते हुए स्वीटी ने अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद स्वीटी ने एमए किया और फिर बीएड की डिग्री हासिल की। इसके बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीजीटी) भी पास की और अंततः उन्हें एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी मिल गई। स्वीटी कहती हैं, “वो पल मेरे जीवन का एक सुनहरा अध्याय था। मेरे माता-पिता की आंखों में गर्व और खुशी के आंसू थे।”

शादी के दूसरे दिन से ही पति की प्रताड़ना सही

हालांकि जैसे ही स्वीटी को नौकरी मिली, परिवार और समाज की एक और अपेक्षा सामने आई- शादी। उनकी शादी हुई, लेकिन यह रिश्ता उनके जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया। शादी के दूसरे दिन से ही उनके पति ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मारपीट और मानसिक शोषण उनके जीवन का हिस्सा बन गया। माता-पिता और समाज की खातिर स्वीटी ने सब्र रखा। उन्हें उम्मीद थी कि शायद एक दिन सब ठीक हो जाएगा और उनके पति का व्यवहार बदलेगा, लेकिन उन्होंने अपने पति के व्यवहार में कोई बदलाव आता महसूस नहीं किया और रोजाना शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित होना उन्हें मंजूर नहीं था। इसलिए उन्होंने पति से अलग होकर एक नई शुरुआत करने का फैसला लिया। समाज इसके खिलाफ था, लेकिन माता-पिता का उन्हें पूरा साथ मिला।


आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान की मिसाल

स्वीटी बताती हैं, “मैंने न सिर्फ उनसे तलाक लिया, बल्कि अपने फैसले से समाज को यह संदेश भी दिया कि लड़कियां मार खाने के लिए नहीं होतीं। वे आत्मनिर्भर हैं और अपने फैसले खुद ले सकती हैं।” तलाक के बाद से स्वीटी अपने माता-पिता के साथ रहती हैं। वह कहती हैं, “भले ही मैं शारीरिक रूप से व्हीलचेयर पर हूं, लेकिन मानसिक रूप से आज हर उस इन्सान से ऊंची हूं, जो मुझे कभी कमजोर समझता था।” आज स्वीटी अपनी क्लास के बच्चों को न केवल आत्मनिर्भरता के मायने बताती हैं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की रक्षा कैसे करनी है, इसकी भी सीख देती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed