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Titas Sadhu: कौन हैं तितास साधु? जिनके प्रदर्शन से भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता स्वर्ण

Tue, 26 Sep 2023 12:22 PM IST
मेघा कुमारी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा कुमारी Updated Tue, 26 Sep 2023 12:22 PM IST
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Asian Games 2023 Indian women's cricket team won gold due to the performance of Titas Sadhu
तितास साधु - फोटो : सोशल मीडिया

Who is Titas Sadhu: जब किसी काम को पहली बार किया जाए और वही इतिहास बन जाए, तो उसकी खुशी का अंदाजा शायद ही कोई लगा पाए। ठीक ऐसा ही इस बार बीसीसीआई के साथ हुआ है। दरअसल, एशियन गेम्स में पहली बार बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट टीम को भेजने का फैसला किया। टीम ने पहली ही बार में इतिहास रच दिया। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत लिया है। यह देश के लिए गर्व की बात है। यूं तो सभी महिला खिलाड़ी की अपनी अलग पहचान हैं लेकिन इस बार तितास साधु का अहम योगदान रहा। बता दें, तेज गेंदबाज तितास साधु ने 4 ओवर में 6 रन देकर 3 विकेट लिए। वहीं तितास वर्तमान में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हर कोई उनकी तेज गेंदबाजी का दिवाना हो गया है। इसी कड़ी में आइए तितास साधु के जीवन से जुड़ी अन्य बातों का जान लेते हैं।

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यहां हुआ था जन्म

तितास साधु का जन्म पश्चिम बंगाल के चिनसुरा में हुआ। उनके दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में 93% अंक आए थे। वह अपनी शिक्षा के दौरान रनिंग और स्विंग भी किया करती थीं। तितास साधु के पिता का नाम राणादीप साधु है। वह एक पूर्व एथलीट हैं और अब हुगली में एक क्रिकेट अकादमी चलाते हैं।

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एथलीट बनना चाहती थीं तितास 

आपको बता दें, तितास का क्रिकेट टीम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। पांच साल पहले भी उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं थी कि, वह इतिहास रच देंगी। हैरानी की बात ये है कि, क्रिकेट साधु की प्राथमिकता नहीं थी। वह अपने पिता रणदीप की तरह एथलीट बनना चाहती थीं। तेज दौड़ के लिए खुद को ट्रेंड कर रही थीं। 

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इस दिन खेला पहली बार क्रिकेट

तितास के पिता एक क्रिकेट एकेडमी चलाते थे। किसी कराण से जब एक दिन एकेडमी बंद थी तब उनके पिता ने उन्हें गेंद फेंकने के लिए कहा। तितास के जीवन का वह पहला दिन था जब उन्होंने क्रिकेट खेला था। यहीं से उन्हें क्रिकेट में रुचि आई और गेंदबाज बनने का ठान लिया। तिताल ने अपने पिता की अकादमी ज्वाइन कर ली। 

पहली बार जब हुई थी चर्चा

भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम ने "महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप" के पहले संस्करण में ही जीत हासिल की थी। खास बात ये है कि, यह भारतीय महिला टीम की किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में पहली जीत थी। भारत का फाइनल में सामना इंग्लैंड से था। तितास ने इस मैच में अपने नाम का परचम लहरा दिया था। उन्होंने चार ओवर में छह रन देकर दो विकेट झटके थे। इस दौरान तितास को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। वहीं वर्तमान में तितास द्वारा रचा गया इतिहास न केवल उनके लिए गर्व की बात हैं बल्कि क्रिकेट खेलने में रूचि रखने वाली महिलाओं के लिए वह प्रेरणा का स्तोत्र है। 

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