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Deepika Kumari: तीरंदाजी विश्व कप में इतिहास रचने वाली दीपिका कुमारी की सफलता की कहानी

Mon, 13 Jun 2022 11:29 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Mon, 13 Jun 2022 11:29 AM IST
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Archery World Cup Gold Medalist Indian Archer Deepika Kumari Success Story in Hindi
तीरंदाज दीपिका कुमारी - फोटो : instagram

 Archer Deepika Kumari Success Story : भारत में कई महिलाएं हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। जिन्हें कभी पुरुषों के खेल माने जाते थे, आज उनमें भी महिलाएं शामिल हैं। भारतीय महिला क्रिकेट हो, या महिला हॉकी, घुड़सवारी हो या मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग हो या तीरंदाजी, हर क्षेत्र में महिलाएं शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। कई भारतीय महिला एथलीट्स विश्व स्तर की महिला खिलाड़ियों की लिस्ट में टॉप 5 में शामिल हैं। भारतीय तीरंदाजी को विश्व स्तर पर एक मुकाम पर पहुंचने वाली भारतीय महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी का आज जन्मदिन है। दीपिका कुमारी ने तीरंदाजी विश्व कप में इतिहास रच दिया। उनकी सफलता और उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दीपिका कुमारी का जीवन संघर्ष और इस मुकाम तक पहुंचने का सफर बहुत रोचक रहा। चलिए जानते हैं महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी के बारे में, उनका जीवन परिचय और उपलब्धि।

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दीपिका कुमारी का जीवन परिचय

महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी का जन्म 13 जून 1994 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था। उनके पिता एक ऑटो चालक थे और मां मेडिकल कॉलेज में नर्स रह चुकी हैं। सामान्य परिवार में जन्मी दीपिका को बचपन से तीरंदाजी का शौक था। बचपन में वह पेड़ पर लटके आमों पर पत्थर मारकर उन्हें गिराया करती थीं।
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तीरंदाजी की ट्रेनिंग

दीपिका के हुनर को उनके माता पिता ने पहचाना और अर्जुन मुंडा की तीरंदाजी अकादमी में दीपिका का दाखिला करा दिया। यहां से दीपिका की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू हुई। उन दिनों दीपिका के पास अधिक पैसे नहीं तो इसलिए दीपिका बांस से धनुष बनाकर प्रैक्टिस किया करती थीं।
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दीपिका कुमारी का तीरंदाजी करियर

साल 2006 में दीपिका का चयन टाटा तीरंदाजी अकादमी में हो गया। इसी साल मेक्सिको में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में दीपिका कुमारी को कंपाउड सिंगल स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक मिला। अपने करियर का पहला स्वर्ण जीतने के साथ ही दीपिका ने देश का नाम भी रोशन किया।

दीपिका कुमारी की उपलब्धि और अवार्ड

यहां से दीपिका कुमारी के सफल करियर की शुरुआत हुई। दीपिका विश्व की टॉप तीरंदाजों में शामिल हो गईं। महज 15 साल की उम्र में दीपिका ने अमेरिका में हुई 11वीं यूथ तीरंदाजी चैंपियनशिप में जीत हासिल की। साल 2010 में एशियन गेम्स में दीपिका ने कांस्य पदक हासिल किया। उसके बाद राष्ट्रमंडल खेल 2010 में व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीता और महिला रिकर्व टीम प्रतियोगिता में भी स्वर्ण जीता। इसी के साथ दीपिका कुमारी महिला तीरंदाजी में विश्व की नंबर वन तीरंदाज बन गईं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार, स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड, पद्म भूषण और यंग अचीवर्स अवार्ड हासिल किया।

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