फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Independence Day 2022: Anna Chandy First Female Judge Of High Court In India Profile

Independence Day 2022: आजाद भारत की पहली महिला जज अन्ना चांडी के बारे में जानें

Mon, 15 Aug 2022 12:09 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Mon, 15 Aug 2022 12:09 AM IST
सार

आजाद भारत में कई बदलाव हुए। महिलाओं को स्थिति में सुधार हुआ। कुछ समय पहले ही देश की सबसे बड़ी न्यायपालिका यानी सर्वोच्च न्यायालय में नौ नए जजों ने पदभार संभाला, जिसमें तीन महिलाएं शामिल हैं।

विज्ञापन
Independence Day 2022: Anna Chandy First Female Judge Of High Court In India Profile
अन्ना चांडी - फोटो : Facebook/logical.indian

विस्तार

Independence Day 2022: भारत अपनी आजादी के 75 साल पूरे होने की खुशी में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों को तोड़कर जब हिंदुस्तान आजाद हुआ तो ब्रिटिश देश से बहुत कुछ ले जा चुके थे। सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश को आजादी के बाद विकास, एकता और गणतंत्रता के धागे में पिरोना लक्ष्य बन चुका था। आजाद भारत में कई बदलाव हुए। महिलाओं को स्थिति में सुधार हुआ। कुछ समय पहले ही देश की सबसे बड़ी न्यायपालिका यानी सर्वोच्च न्यायालय में नौ नए जजों ने पदभार संभाला। एक साथ शपथ लेने वाले जजों में तीन महिला न्यायाधीश शामिल हुईं। इसके बाद ये लगभग तय माना जा रहा है कि भारत को 2027 में पहली महिला मुख्य न्यायाधीश मिल सकती है। आज तक कभी भी कोई महिला सीजेआई के पद पर नियुक्त नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट में तो ऐसा पहली बार होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि हाई कोर्ट की पहली महिला जज कौन हैं? वर्तमान में तो देश के पास कई महिला जज हैं जो उच्च न्यायालयों में कार्यरत हैं, लेकिन जिस महिला ने पहली बार देश के किसी उच्च न्यायालय के जज के तौर पर अपनी जगह बनाई और महिलाओं के लिए इस क्षेत्र में राह बनाई वह हैं अन्ना चांडी। चलिए जानते हैं देश की पहली महिला जज अन्ना चांडी के बारे में।

विज्ञापन


कौन हैं अन्ना चांडी?

अन्ना चांडी केरल की रहने वाली थीं। उनका जन्म चार मई 1905 को केरल (उस समय का त्रावणकोर) के त्रिवेंद्रम में हुआ था। उनका ताल्लुक एक ईसाई परिवार से था।

अन्ना चांडी की शिक्षा और करियर

1926 में अन्ना चांडी ने कानून में ग्रेजुएशन की डिग्री ली। बड़ी बात ये है कि उस दौर में अन्ना लॉ की डिग्री लेने वालीं केरल की पहली महिला थीं। अन्ना ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बैरिस्टर की और अदालत में प्रैक्टिस शुरू की। लगभग 10 साल बाद 1937 में केरल के दीवान सर सीपी रामास्वामी अय्यर ने चांडी को मुंसिफ के तौर पर नियुक्त किया। 
विज्ञापन


1959 में देश की पहली महिला जज की नियुक्ति

उनका पद बढ़ता गया और उपलब्धियां भी। 1948 में अन्ना चांडी का जिला जज के तौर पर प्रमोशन हो गया। उस समय तक भारत के किसी भी हाई कोर्ट में कोई महिला जज नहीं थी। इसके बाद 1959 में अन्ना चांडी केरल हाईकोर्ट की पहली महिला जज बन गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश के पद पर जस्टिस अन्ना ने साल 1967 तक सेवाएं दीं, जिसके बाद उनका रिटायरमेंट हो गया। हालांकि अन्ना रिटायरमेंट के बाद भी न्याय के लिये कर करती रहीं और बाद में लॉ कमीशन ऑफ इंडिया में नियुक्त हो गईं।


अन्ना चांडी महिलाओं के अधिकारों के लिए हमेशा अपनी आवाज बुलंद करती रहीं। इस काम के लिए उन्होंने ‘श्रीमती’ नाम से एक पत्रिका भी निकाली थी, जिसमें महिलाओं से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाता था। इसके अलावा ‘आत्मकथा’ नाम से उनकी ऑटोबायोग्राफी भी है। केरल में साल 1996 में 91 साल की उम्र में अन्ना चांडी का निधन हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed