{"_id":"6124a236faa5d14b511aacbc","slug":"anjali-das-started-trip-to-ladakh-on-foot-to-raise-fitness-awareness","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फिटनेस के प्रति जागरूकता: असम से लद्द्ख की पैदल यात्रा कर रही हैं अंजली दास, ताकि लोगों को मिल सके प्रेरणा","category":{"title":"Shakti","title_hn":"शक्ति","slug":"shakti"}}
फिटनेस के प्रति जागरूकता: असम से लद्द्ख की पैदल यात्रा कर रही हैं अंजली दास, ताकि लोगों को मिल सके प्रेरणा
Tue, 24 Aug 2021 01:09 PM IST
Abhilash Srivastava
लाइफ स्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफ स्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Tue, 24 Aug 2021 01:09 PM IST
विज्ञापन
पेदल यात्रा पर निकलीं अंजली दास (प्रतीकात्मक)
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अच्छी फिटनेस आज के समय की सबसे जरूरी चीज है। इसी को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए असम की अंजली दास ने अनोखी पहल की है। अंजली, असम से लेकर लद्दाख तक की पैदल यात्रा कर रही हैं। 13 अगस्त से शुरू हुई यह यात्रा कुल 2796 किलोमीटर तय करने के बाद पूरी होगी। गले में पारंपरिक असमिया गमछा डालकर लंबे सफर पर निकलीं अंजली का लक्ष्य लोगों में फिजिकल फिटनेस के प्रति जागरूकता भरना है। अंजली कहती हैं, लोगों में समय के साथ शारीरिक रूप से निष्क्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसे में शायद मेरी इस कोशिश से लोगों में नई ऊर्जा जगे और वह भी फिटनेस के प्रति ध्यान देना शुरू करें।
यात्रा शुरू करने से पहले इस बारे में अंजली ने बताया, मैं अपनी यात्रा के दौरान रोजाना 50 किमी चलने का लक्ष्य रखूंगी और यह यात्रा अकेले ही पूरी करूंगी। हैरानी की बात यह है कि उनका लक्ष्य बिना किसी डॉक्टर, सुरक्षा कर्मियों या एम्बुलेंस की मदद के अपनी यात्रा पूरी करना है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ऐसा करने वाली अंजलि दास असम के साथ-साथ ही पूर्वोत्तर की पहली महिला हैं। अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ अंजली कहती हैं, 'मैं किसी भी परिस्थिति में लद्दाख की अपनी यात्रा को नहीं रोकूंगी, चाहे बारिश हो या अन्य प्राकृतिक आपदा। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मैं सुरक्षा के सभी उपायों का पालन कर रही हूं।''
विज्ञापन
यात्रा शुरू करने से पहले इस बारे में अंजली ने बताया, मैं अपनी यात्रा के दौरान रोजाना 50 किमी चलने का लक्ष्य रखूंगी और यह यात्रा अकेले ही पूरी करूंगी। हैरानी की बात यह है कि उनका लक्ष्य बिना किसी डॉक्टर, सुरक्षा कर्मियों या एम्बुलेंस की मदद के अपनी यात्रा पूरी करना है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ऐसा करने वाली अंजलि दास असम के साथ-साथ ही पूर्वोत्तर की पहली महिला हैं। अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ अंजली कहती हैं, 'मैं किसी भी परिस्थिति में लद्दाख की अपनी यात्रा को नहीं रोकूंगी, चाहे बारिश हो या अन्य प्राकृतिक आपदा। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मैं सुरक्षा के सभी उपायों का पालन कर रही हूं।''
विज्ञापन
अनुमान के मुताबिक असम से लद्दाख तक के करीब 2800 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन माह का समय लग सकता है। इतने दिनों में आने वाले खर्च के लिए अंजलि अपनी जमा पूंजी और गांववासियों द्वारा दी गई राशि का उपयोग करेंगी। ऐसा पहली बार नहीं है जब अंजली ने कुछ हटकर करने का प्रयास किया है, वह कोलकाता हाफ मैराथन का भी हिस्सा रह चुकी हैं। इतना ही नहीं साल 2018 और 2019 में उन्हें सिल्वर भी प्राप्त हो चुका है। खेल और फिटनेस से प्रेम करने वाली अंजली लोगों को भी इसकी आवश्यकताओं के लिए जागरूक करती रही हैं।

कमेंट
कमेंट X