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कोरोना के इलाज में अहम रेमडेसिवीर दवा की जांच में शामिल है भारतीय मूल की ये महिला, जांच दल का कर रहीं नेतृत्व
Wed, 06 May 2020 10:19 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Wed, 06 May 2020 10:19 AM IST
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पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी बनकर फैल चुका है। जिसका अभी तक कोई भी सटीक इलाज नहीं बना है। किसी भी तरह की वैक्सीन या फिर दवा को नहीं खोजा जा सका है जो पूरी तरह से कोरोना के इलाज में उपयोग में लाई जा सके। ऐसे में दुनिया के बहुत सारे शोध केन्द्रों पर वैक्सीन इजाद करने का काम किया जा रहा है। वहीं इबोला के इलाज में कारगर रेमडेसिवीर दवा पर भरोसा करने की उम्मीद की जा रही है। इस दवा का परीक्षण अमेरिकन फार्मास्युटिकल कंपनी गिलयड साइंसेस की तरफ से किया जा रहा है। तीसरे चरण के रिजल्ट पॉजिटिव आने से लोगों की उम्मीद बढ़ती जा रही है। हालांकि इस क्लिनिकल ट्रायल की एक खास बात और है। इस ट्रायल करने वाली टीम का नेतृत्व एक भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर कर रही है। इस डॉक्टर का नाम है अरुणा सुब्रमण्यम हैं जो लगातार इस दवा के ट्रायल में लगी हैं।
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- फोटो : PTI
अरुणा सुब्रमण्यम ने जोन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी से इन्फेक्शनल डिसीसेज पर फैलोशिप की है। इसके साथ अरुणा एक ट्रेंड साउथ इंडियन डांसर भी हैं। वो अमेरिका के आसपास के क्षेत्रों में शास्त्रीय नृत्य शो का आयोजन करने में मदद करती हैं। अरुणा वर्तमान में स्टैनफोर्ड मेडिसिन में जांच दल का हिस्सा हैं।
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अरुणा बताती हैं कि उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में जाने की प्रेरणा अपने फैलोशिप के दिनों में मिली। जब वो जोन हापकिंस में फैलोशिप कर रही थी तो उन्होंने डॉक्टर पॉल टकर को देखा, जो बड़े ही तन्मयता से मरीजों की देखभाल किया करते थे। उन्हीं को देखकर लगा कि दूसरों के लिए कुछ करने में ही इंसान को संतुष्टि मिलती है।

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