कोरोना संक्रमित 90 साल की महिला की हुई मौत, इलाज के लिए वेंटिलेटर इस्तेमाल करने पर कहा था- 'इसे जवान मरीजों के लिए रखा जाए'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना की महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है। एशिया से लेकर यूरोप के बहुत सारे देश इससे पीड़ित है। ऐसे में इलाज के लिए इस्तेमाल में आने वाले वेंटिलटर की कमी भी कई सारे देशों में है। जिसकी वजह से बहुत से मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिलने में मुश्किल आ रही है। ऐसे में जब कुछ लोग कोरोना के सही इलाज से ठीक हो जा रहे हैं। वहीं पर एक ऐसी महिला के बारे में पता चला है जिसने अपनी जिंदगी की जगह मौत को चुना। कोरोना से संक्रमित इस महिला ने वेंटिलेटर के जरिए इलाज करवाने से मना कर दिया और कहा कि इसे जवानों कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बचा कर रखा जाए।
दरअसल, बेल्जियम की रहने वाली 90 साल की बुजुर्ग महिला ने कोरोना से संक्रमित होने पर इलाज के लिए वेंटिलेटर के इस्तेमाल करने से डॉक्टरों को रोक दिया। सुजैन नाम की इस महिला ने डॉक्टरों को कहा कि कोविड 19 के इलाज के लिए वेंटिलेटर बहुत जरूरी उपकरण है इसे किसी जरूरतमंद जवान इंसान के लिए उपयोग में लाया जाए। क्योंकि पूरी दुनिया में ही इस खास उपकरण की कमी चल रही है।
इस बारे में उनकी बेटी ने कहा कि उन्हें कोरोना वायरस कैसे हो गया इस बारे में नहीं पता क्योंकि वो पूरी तरह से लॉकडाउन का पालन कर रहीं थी। लेकिन जब उन्हें सांस में तकलीफ और भूख की कमी से परेशानी की वजह से अस्पताल ले जाया गया तो उनके कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद उन्हें एकांतवास में रखा गया था। जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी लेकिन उन्होंने इसके जरिए इलाज करवाने से मना कर दिया।

कमेंट
कमेंट X