#LadengeCoronaSe: अपने कष्ट को भूल फर्ज निभा रही ये नर्स, गर्भावस्था में कर रहीं ड्यूटी
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कोरोना की महामारी से बचने के लिए जहां लोगों को जहां घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई है। वहीं इस वायरस से पीड़ितों के इलाज के लिए डॉक्टर और नर्स दिनरात सेवा में लगे हुए हैं। अपना फर्ज निभाते हुए ये अपने घर-परिवार की परवाह भी नहीं कर रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी है तमिलनाडु की नर्स की जो अपनी शारीरिक तकलीफों को भूल मरीजों की सेवा में दिन-रात लगी हुई है।
तमिलनाडु की नर्स विनोथिनी, आठ महीने की प्रेग्नेंट हैं लेकिन इसके बावजूद वो मरीजों की सेवा में कोई कमी नहीं रख रही हैं। तिरुचिरा से रामनाथपुरम की करीब 250 किमी की दूरी तय कर वो अपने अस्पताल जाती हैं। जहां पर उनकी ड्यूटी लगाई गई है।
नर्स विनोथिनी बताती हैं कि वो एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स हैं। लेकिन इन कठिन हालातों में उनकी ड्यूटी प्रशासन ने कोरोना के रोगियों के इलाज में लगाई थी। हालांकि जब उनकी ड्यूटी लगाई गई तो प्रशासन को मेरे गर्भावस्था के बारे में नहीं पता था। उन्हें जैसे ही पता चला मेरे नाम को वापस ले लिया गया लेकिन वो इस मुश्किल घड़ी में अपने साथियों का साथ देना चाहती थीं। अधिकारियों के मना करने के बाद नर्स विनोथिनी ने स्थानीय मंत्री की मदद से लॉकडाउन में निकलने का पास बनवाया और अब अपने पति के साथ कार से प्राइमरी हेल्थ सेंटर पहुंचकर मरीजों की देखभाल कर रही हैं।

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