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Bihar News : 'अमर उजाला' की खबर का हुआ असर, अब डीपीओ ने शिक्षक को किया शोकॉज; वजह भी जानिए

Mon, 10 Mar 2025 12:42 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Mon, 10 Mar 2025 12:42 AM IST
सार

Bihar : बिहार में 'अमर उजाला' के खबर का असर हुआ है। खबर प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग के स्थापना डीपीओ ने शिक्षक से 24 घंटे में स्पष्टीकरण की मांग की है। 

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Amar Ujala impact : DPO issued show cause notice to teacher supaul Bihar News
खबर का असर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

सुपौल में अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। जहां प्रोटोकॉल तोड़ते हुए अपने ही समकक्ष शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटने के मामले में जिला शिक्षा विभाग के स्थापना डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी ने शिक्षक डॉ रणधीर राणा से स्पष्टीकरण पूछा है। रविवार को दोपहर बाद स्थापना डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी की ओर से जारी पत्र में राजकीय बबुजन बिशेश्वर बालिका उच्च विद्यालय के शिक्षक डॉ रणधीर राणा को 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है। जारी पत्र में कहा गया है कि बिना आमंत्रण के विभागीय आदेश एवं प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए टाउन हॉल के कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित हुए नियुक्ति पत्र वितरण में शामिल हुए। यह उनके कर्तव्य के प्रति लापरवाही तथा विभागीय आदेश व प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। बहरहाल, अब नजर कार्रवाई पर टिकी है।

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प्रोटोकॉल का किया गया था खुला उल्लंघन
 राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार रविवार को सुपौल में नवनियुक्त टीआरई-03 के 1208 शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। सुपौल के टाऊन हॉल में 550 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। हालांकि आयोजित समारोह के दौरान प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान हाई स्कूल के शिक्षक डॉ रणधीर राणा जिले के कई वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में न केवल मंचासीन रहे, बल्कि मंच से कई नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे। वही अतिथियों के संबोधन के बीच भी कई नवनियुक्त शिक्षकों के साथ प्रतिकात्मक तौर पर नियुक्ति पत्र देते हुए मंच पर ही तस्वीर खिंचवाई।
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पूरे कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों के साथ मंचासीन रहे शिक्षक
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री सह सूबे के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी को भी शामिल होना था। हालांकि वह अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी सह एडीएम राशिद कलीम अंसारी, एसपी शैशव यादव, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, एनडीसी विकास कुमार कर्ण, डीईओ संग्राम सिंह, स्थापना डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी, सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव तथा सिमराही नगर पंचायत की अध्यक्ष यशोदा देवी उपस्थित थे। वही मंच संचालन एमडीएम डीपीओ महताब रहमानी कर रहे थे। लेकिन इन सबके बीच बबुजन बालिका उच्च विद्यालय सुपौल के शिक्षक डॉ रणधीर राणा भी मंचासीन हो गए और पूरे कार्यक्रम में एक अतिथि की भूमिका में ही नजर आए। लिहाजा एक हाई स्कूल शिक्षक द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कराए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।


ठीक बगल में खड़े थे, फिर भी डीईओ ने जानकारी से किया इंकार
शिक्षक रणधीर राणा जब मंच से नियुक्ति पत्र बांट रहे थे, तब वह डीईओ संग्राम सिंह के ठीक बगल में खड़े थे। उन दोनों के बीच केवल नजारत उप समाहर्ता विकास कुमार कर्ण खड़े थे। हालांकि डीईओ संग्राम सिंह से जब इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने जानकारी से ही इंकार कर दिया। आपको बता दें कि सामान्य तौर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी ही बतौर अतिथि आमंत्रित होते हैं और उनके माध्यम से ही नियुक्ति पत्रों का वितरण कराने की परंपरा रही है।


मंच पर अधिकारियों को गाइड तक करते दिखे रणधीर
समारोह के दौरान रविवार को मंचासीन शिक्षक डॉ रणधीर राणा न केवल नियुक्ति पत्र का वितरण करते दिखे, बल्कि उनकी भूमिका इससे भी आगे की नजर आई। वितरण कार्यक्रम के दौरान वह मंच पर अधिकारियों के साथ खड़े थे और हाथों से बार-बार इशारा कर रहे थे। वह जिस ओर इशारा करते, नियुक्ति पत्र वितरण की जिम्मेवारी भी उसी के अनुरुप बदल जाती। मंच पर उनके ठीक बाएं में नजारत उप समाहर्ता विकास कुमार कर्ण खड़े थे और उनके सटे डीईओ संग्राम सिंह। बावजूद डीईओ ने सवाल को पहले तो सिरे से खारिज किया। फिर शिक्षक द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कराए जाने की जानकारी से ही इंकार कर दिया। आपको बता दें कि पेशे से शिक्षक रणधीर खुद को सूबे की सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ नेता का करीबी बताता है और कई बार प्रशासनिक कार्यक्रमों में नजर आता रहा है। हालांकि यह पहला मौका था, जब उसके हाथ से नियुक्ति पत्र भी वितरित कराए गए।

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