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Hindi News ›   Ram Mandir ›   sculptor Arun Yogirajs mother Saraswathi on the selection of idols for Ram Mandir

Ram Mandir: 'देखना चाहती थी पर..' जिस कलाकार की मूर्ति हुई चयनित, उन्होंने मां को भी नहीं दिखाई थी इसकी झलक

Tue, 02 Jan 2024 10:38 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 02 Jan 2024 10:38 AM IST
सार

मीडिया से बात करते हुए मूर्तिकार अरुण योगीराज की मां ने बताया कि उनके लिए यह खुशी का पल है। वह अपने बेटे को मूर्ति बनाते हुए देखना चाहती थी। 

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sculptor Arun Yogirajs mother Saraswathi on the selection of idols for Ram Mandir
Arun Yogiraj's mother - फोटो : Social Media

विस्तार

आयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए कर्नाटक के मशहूर मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन हुआ है। मूर्तिकार योगीराज की मां ने इसे खुशी का पल बताया है। उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने बेटे को मूर्ति बनाते हुए नहीं देख सकीं। 
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मीडिया से बात करते हुए योगीराज की मां सरस्वती ने कहा, 'यह हमारे लिए खुशी का पल है। मैं उसे मूर्ति बनाते हुए देखना चाहती थी, लेकिन उसने बोला कि वह मुझे आखिरी दिन ले जाएगा। मैं स्थापना के दिन जाऊंगी।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपने बेटे की प्रगति और सफलता को देखकर बहुत खुश हूं। उनकी सफलता देखने के लिए उनके पिता हमारे बीच नहीं है। मेरे बेटे को आयोध्या गए हुए छह महीने हो गए।'
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हालांकि, मूर्ति को लेकर मंदिर समिति की तरफ से ही निर्णय लिया जाएगा। मंदिर समिति के प्रमुख चंपत राय ने कहा कि वह इस मामले में फिलहाल कुछ नहीं कहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि मूर्ति चयन का फैसला समिति ही करेगी। 
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केंद्रीय मंत्री ने भी दी जानकारी 
मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति की केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर कहा, जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन हो गया है। हमारे देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार, हमारे गौरव अरुण योगीराज के द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति अयोध्या में स्थापित की जाएगी। यह राम और हनुमान के अटूट रिश्ते का एक और उदाहरण है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि हनुमान की भूमि कर्नाटक से रामलला के लिए यह एक महत्वपूर्ण सेवा है।



सोशल मीडिया पर काफी मशहूर है योगीराज
बता दें कि योगीराज एक जाना-माना नाम हैं और सोशल मीडिया पर उनकी काफी फैन फॉलोइंग है। प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी के बेटे 37 वर्षीय अरुण योगीराज मैसूरु महल के शिल्पकारों के परिवार से आते हैं। अरुण के पिता गायत्री और भुवनेश्वरी मंदिर के लिए भी कार्य कर चुके हैं। एमबीए की पढ़ाई कर चुके योगीराज पांचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार हैं। एमबीए की डिग्री लेने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में भी काम किया, लेकिन 2008 में मूर्तिकार बनने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

योगीराज ने आयोध्या में भगवान राम की मूर्ति के अलावा मैसूरु में महाराजा जयचामराजेंद्र वडेयार की 14.5 फुट की सफेद संगमरमर की प्रतिमा, महाराजा श्री कृष्णराज वाडियार-IV और स्वामी रामकृष्ण परमहंस की सफेद संगमरमर की प्रतिमा भी बनाई है। इंडिया गेट पर लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी उन्होंने ही तराशी है।
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