Ram Mandir: राम मंदिर आंदोलन की पूरी कहानी, संघ की पत्रिका में तथ्यात्मक जानकारी देने की कोशिश
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रधर्म पत्रिका का विशेष अंक हिंदू समाज की नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और राम मंदिर आंदोलन के पूरे इतिहास को अच्छे ढंग से समझाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसा आंदोलन पूरी दुनिया में कहीं नहीं हुआ। यदि किसी को राम मंदिर आंदोलन की तथ्यात्मक जानकारी चाहिए तो उसे इस अंक को अवश्य पढ़ना चाहिए।
डॉ. कृष्णगोपाल ने शनिवार 20 जनवरी को राम नगरी अय़ोध्या स्थित तुलसी उद्यान में राष्ट्रधर्म पत्रिका के ‘श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा’ विशेष अंक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस समय मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को लेकर अयोध्या में विशेष वातावरण है। विश्व में जहां भी हिन्दू समाज है, अपने को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली क्षण की प्रतीक्षा में शताब्दियां बीत गईं। कई पीढ़ियां गुजर गईं। लाखों लोग बलिदान हो गए। डॉ. कृष्णोपाल ने कहा कि बाहर से आए आक्रांताओं ने देश के हजारों मंदिरों को तोड़ डाला, तलवार के बल पर करोड़ों लोगों का मतांतरण किया। ऐसी विषम परिस्थिति में हमारे देश के संतों राम कथा के माध्यम से 1000 वर्ष तक हिंदू समाज को सुरक्षित रखा।
उन्होंने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद हिन्दू समाज को आशा थी कि जो हमारे मंदिर तोड़े गये हैं, वे हमें प्राप्त हो जायेंगे लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तब आन्दोलन करना पड़ा। राम मंदिर के लिए नौजवानों ने कारसेवा की। एक सुंदरर इतिहास खड़ा हो गया।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि कुछ लोग राम का प्रमाण मांगते हैं। राम का नाम आज करोड़ों लोग अपने मन में स्थिर कर रखे हैं। इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है। राम के नाम पर नगरों, गांवों और लोगों के नाम हैं। राम भारत के लोक जीवन में बस गये हैं। राम इस देश की अंतरात्मा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आन्दोलन समाज को एक दृष्टि देता है।