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Ram Mandir: ऑनलाइन बिक रहा श्रीराम मंदिर अयोध्या प्रसाद! कैट ने बताया फर्जी, मंत्री पीयूष गोयल से की शिकायत

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 19 Jan 2024 02:39 PM IST
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सार
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने इस संबंध में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेजकर इस धोखाधड़ी की तरफ उनका ध्यान आकर्षित किया है। बतौर खंडेलवाल, यह सर्वविदित है कि अयोध्या धाम के श्री राम मंदिर से अभी तक कोई प्रसाद वितरित नहीं हो रहा है...
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Ram Mandir: 'Shri Ram Mandir Ayodhya Prasad' being sold online, CAT called it fake, complaint to Minister
Ram Mandir - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने शुक्रवार को एक बड़ा खुलासा किया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने इस चौंकाने वाले खुलासे में कहा है कि देश के बड़े ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफार्म द्वारा 'श्रीराम मंदिर अयोध्या प्रसाद' बेचा जा रहा है। इस प्रसाद की आड़ में मिठाई बेची जा रही है, जो विशुद्ध रूप से देश के लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने इस संबंध में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेजकर इस धोखाधड़ी की तरफ उनका ध्यान आकर्षित किया है। बतौर खंडेलवाल, यह सर्वविदित है कि अयोध्या धाम के श्री राम मंदिर से अभी तक कोई प्रसाद वितरित नहीं हो रहा है।

कैट के पदाधिकारियों ने कहा है, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर एक विक्रेता के नाम से 'श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद' खुले आम बेचा जा रहा है। जिस प्रकार से विवरण लिखा गया है, वह एक ऐसा संदेश दे रहा है कि यह प्रसाद श्री राम मंदिर का ही है। ऐसे समय में जब सारा देश राममय हो रहा है और लोग बेहद श्रद्धा भाव से श्री राम के काज में जुटे हैं, ऐसे में ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा इस प्रकार का कृत्य बेहद ही नापाक है।

खंडेलवाल ने देश के लोगों के साथ इसे एक बहुत बड़ी धोखाधड़ी बताया है। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से आग्रह किया है कि उपभोक्ता मंत्रालय की उपभोक्ता शिकायत और सुरक्षा अथॉरिटी (सीसीपीए) तुरंत इस मामले में संज्ञान ले। जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक इस ई-मार्केट प्लेस को प्रतिबंधित किया जाए। भरतिया एवं खंडेलवाल के मुताबिक, इस घटना से ई-कॉमर्स प्लेटफार्म  असली चेहरा उजागर हो गया है। एक बेहद पूजनीय स्थान से जोड़ कर जिस तरह के प्रसाद की बिक्री की जा रही है, उससे पता चलता है कि ऑनलाइन उत्पाद बेचने वाली कंपनी की मानसिकता कितनी विकृत है। कंपनी को इस देश के नियम एवं कानूनों से कोई सरोकार नहीं है। यह कंपनी नियम एवं कानूनों का उल्लंघन करने की आदी है। तभी दुनिया के अनेक देशों में इस कंपनी के खिलाफ अनेक मुकदमे चल रहे हैं। कैट पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री गोयल से पुरजोर आग्रह किया है कि ई कॉमर्स पालिसी एवं उपभोक्ता कानून के अंतर्गत नियमों को शीघ्र ही लागू किया जाए। जब तक ये नियम लागू नहीं होंगे, तब तक ऐसी विदेशी कंपनियां अपनी मनमानी करते हुए लोगों को ठगती रहेंगी। इस वजह से छोटे व्यापारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है।

इससे पहले खंडेलवाल ने बताया था कि अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रही राम की प्राण प्रतिष्ठा से पहले देश में अर्थव्यवस्था को पंख लग गए हैं। श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले देश में एक लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अकेले दिल्ली में ही 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की संभावना है। 22 जनवरी से पहले देशभर में व्यापारी एवं दूसरे सामाजिक संगठनों द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले कैट ने 50 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान लगाया था, लेकिन जिस प्रकार से दिल्ली सहित देशभर के लोगों में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर जबरदस्त उत्साह है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि देश में एक लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कैट ने देश के 30 शहरों से प्राप्त फीडबैक को आधार बनाया है।

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