Ram Mandir : तीन दशक बाद फिर श्रीराम ज्योति, अयोध्या चलो अभियान और आस्था से ओतप्रोत नामकरण
इसके लिए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय श्रीराम ज्योति जलाने की ही अपील नहीं हुई है, इससे पहले अक्षत वितरण, प्राण प्रतिष्ठा की शाम दीपावली और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या दर्शन की अपील भी इसी का हिस्सा है।
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माहौल फिर राममय करने की तैयारी है। इसके लिए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय श्रीराम ज्योति जलाने की ही अपील नहीं हुई है, इससे पहले अक्षत वितरण, प्राण प्रतिष्ठा की शाम दीपावली और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या दर्शन की अपील भी इसी का हिस्सा है। विहिप के प्रांतीय धर्म यात्रा प्रमुख राकेश वर्मा गुड्डू कहते हैं कि यह अपील अनायास ही नहीं है। रामलला अपने दिव्य-भव्य घर में आ रहे हैं। श्रीराम ज्योति जलाने की अपील से उस जमाने के संघर्ष से जुड़े पुराने लोगों की यादें ताजा हो गईं हैं। वे अपने घरों में बच्चों को श्रीराम ज्योति से जुड़े संस्मरण सुना रहे हैं। नई पीढ़ी आज के जश्न के पीछे के संघर्ष को समझ रही है।
अक्षत वितरण में श्रीराम जय राम, जय जय राम पाठ का आवाहन
सोमवार से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से पूरे देश में अक्षत वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके जरिये आवाहन किया जा रहा है कि 22 जनवरी को जब रामलला के बाल रूप नूतन विग्रह को गर्भगृह में विराजित कर प्राण प्रतिष्ठा की जाए, उस समय आस-पड़ोस के किसी मंदिर में रामभक्त इकट्ठा होकर इस कार्यक्रम को टीवी, एलईडी स्क्रीन या पर्दे पर देखें। भजन-कीर्तन-आरती के साथ श्रीराम जय राम, जय जय राम विजय महामंत्र का 108 बार सामूहिक पाठ करें। घर-घर दीपक जलाएं, दीपमालिका सजाकर दीपोत्सव मनाएं। हिंदू संगठनों का मानना है कि इससे अभूतपूर्व सकारात्मक वातावरण बनेगा। यह संकल्प से सिद्धि का उत्सव है।
अयोध्या चलो अभियान
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला व नवनिर्मित मंदिर के दर्शन के लिए लोगों को परिवार सहित आने का न्योता भी दे रहा है। इसके अलावा 26 जनवरी से संघ परिवार देशभर में संघ दृष्टि से बंटे 45 प्रांतों के रामभक्तों को तय कार्यक्रम के अनुसार अयोध्या बुलाकर दर्शन कराएगा। ऐसे रामभक्तों की संख्या 71 हजार से ज्यादा बताई जा रही है।
- प्रतिदिन करीब 4,000 रामभक्तों को अयोध्या बुलाने की योजना है। इनके आने-जाने, ठहरने, दर्शन और भोजन तक की पूरी जिम्मेदार संघ परिवार ही उठाएगा।
- भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में मुफ्त अयोध्या दर्शन का वादा करती रही है। ये सरकारें प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपने-अपने राज्यों के लोगों के लिए अयोध्या दर्शन का कार्यक्रम शुरू कर सकती हैं।
इससे समझिए माहौल
सचिव स्तर के एक आईएएस अधिकारी कहते हैं, जब पीएम मोदी अयोध्या में राममंदिर के लिए 550 वर्ष लंबे संघर्ष की याद दिलाकर घर-घर श्रीराम ज्योति जलाने की अपील कर रहे थे, पत्नी की आंखों से आंसू झर रहे थे। कार्यक्रम खत्म होते ही पत्नी ने पूजागृह को सजाने व श्रीराम ज्योति जलाने की व्यवस्था से जुड़ी योजना तैयार कर ली। वह कहते हैं, अयोध्या से निकला एक-एक शब्द धर्म, अध्यात्म से ज्यादा सियासत पर असर डालने वाला है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं पर पड़ रहा है। लोकसभा चुनाव में इसका असर साफ नजर आएगा।
आस्था से ओतप्रोत नामकरण
- राम पथ : सहादतगंज से नयाघाट। 12.940 किमी।
- श्रीरामजन्मभूमि पथ : सुग्रीव किला से राममंदिर तक .566 किमी।
- धर्म पथ : एनएच-27 से नया घाट पुराने पुल तक 2 किमी।
- भक्ति पथ : अयोध्या मुख्य मार्ग से हनुमानगढ़ी होते हुए श्रीरामजन्मभूमि तक। 0.742 किमी.।
- श्रद्धालु भ्रमण पथ : सरयू नदी पर राम की पैड़ी से राजघाट व राजघाट से श्रीराम मंदिर तक।
- क्षीरसागर पथ : अयोध्या धाम से रामपथ तक स्मार्ट रोड।
- आगमन पथ : क्षीरसागर पथ से राम पथ तक .300 किमी.।
- सुग्रीव पथ : सहादतगंज नयाघाट मार्ग से सुग्रीव किला तक।