Ram Mandir: यूं ही नहीं दक्षिण के मंदिरों में घूम रहे मोदी! राम मंदिर के साथ भाजपा ने ऐसे तैयार किया मिशन साउथ
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पूरे देश में राममंदिर के भव्य शुभारंभ की गूंज सुनाई दे रही है, तो वहीं देश के प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण भारत के मंदिर-मंदिर घूम रहे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी नासिक से लेकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से लेकर केरल के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। राम मंदिर के शुभारंभ से पहले प्रधानमंत्री के इस धार्मिक दौरे की राजनीतिक गलियारों में भी खूब चर्चा है। सियासी जानकार भी मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के दक्षिण भारत में राम और अयोध्या के कनेक्शन को सीधे जोड़कर मिशन साउथ तैयार हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को तमिलनाडु के तिरुचिलापल्ली में रंगनाथस्वामी मंदिर के दर्शन करने पहुंचे। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण भारत के ही धनुष्कोडी में कोठनडारामस्वामी मंदिर समेत रामेश्वरम जाएंगे। दरअसल राम मंदिर के शुभारंभ से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के उन सभी दक्षिण भारत के मंदिरों में पहुंच रहे हैं, जहां से राम और अयोध्या का कोई नाता जुड़ रहा है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत के तीन प्रमुख मंदिरों में रहेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नासिक भी गए थे। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के वीरभद्र मंदिर भी पहुंचे थे।
इस कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के त्रिप्रयार राममंदिर में पूजा अर्चना भी की थी। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री अपने 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान के तहत इन मंदिरों में पहुंच रहे हैं। शनिवार को तिरुचिरापल्ली के श्रीरंगनाथ स्वामी मंदिर में पीएम मोदी ने पूजा कर कंबा रामायण के दोहे भी सुने। इस दौरान पीएम मोदी को पारंपरिक पोशाक में रहे। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी रामेश्वरम में रामायण पारायण कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। जहां पर वह आठ अलग-अलग भाषाओं गुजराती, गुरुमुखी, मैथिली, असमिया, बांग्ला, कश्मीरी, संस्कृत और अवधि में राम कथा सुनेंगे।
वहीं प्रधानमंत्री के दक्षिण भारत दौरे को लेकर सियासत भी खूब हो रही है। सियासी गलियारों में चर्चा इसी बात की हो रही है कि जब पूरे देश में राम मंदिर को लेकर जबरदस्त माहौल है, ऐसे में प्रधानमंत्री का दक्षिण भारत का दौरा यूं ही नहीं हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषक ओपी तंवर कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का दक्षिण भारत के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करना आगामी लोकसभा के चुनावों के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वह कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी का सियासी आधार उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण में मजबूत नहीं है। क्योंकि इस वक्त समूचे देश में अयोध्या के राम मंदिर के शुभारंभ का जो माहौल है, उसे अगर भाजपा दक्षिण भारत में पहुंचा सकती है, तो लोकसभा के चुनाव में बड़ा सियासी फायदा भी हो सकता है। यही वजह है कि दक्षिण भारत में आस्था के सहारे भाजपा अपनी मजबूत पैठ बना रही है।