Ram Mandir: राम मंदिर के निर्माण से पहले ही अयोध्या की अर्थव्यवस्था को लगे पंख, निर्यात में हुआ जबरदस्त इजाफा
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। पीएम मोदी 22 जनवरी को मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। मंदिर निर्माण के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में अयोध्या ने ऊंची छलांग लगाई है। यूपी में बीते साल फरवरी में हुए इन्वेस्टर समिट में जहां अयोध्या को 49000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, वहीं निर्यात के मोर्चे पर भी रामनगरी को भारी सफलता मिली है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अयोध्या से होने वाला निर्यात लगातार बढ़ रहा है। बीते एक साल में विभिन्न क्षेत्रों में अयोध्या से 254 करोड़ रुपये की वस्तुओं का निर्यात किया गया है। इससे पहले वर्ष 2021-22 में अयोध्या से 110 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है। इस तरह वर्ष 2022-23 में अयोध्या से होने वाले निर्यात में 150 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने अयोध्या को आर्थिक रूप से भी काफी समृद्ध किया है। एक तरफ अयोध्या को जहां सोलर सिटी के रूप में नई पहचान दी जा रही है, वहीं निर्यात के रूप में भी अयोध्या ने अलग उड़ान भरी है। सबसे अधिक निर्यात कोयले का हुआ है, जबकि विभिन्न तरह के पेपर्स व आयुर्वेदिक दवाएं भी बाहर भेजी जा रही हैं। रामनगरी से बिटुमिनस कोयला 90.61 करोड़ रुपये का तो भाप कोयला 3.81 करोड़ रुपये का निर्यात अकेले वर्ष 2022-23 में किया गया है। अन्य तरह के कोयले का निर्यात 44 करोड़ रुपये का किया गया है।
अयोध्या से वर्ष 2022-23 में क्राफ्ट पेपर व पेपर बोर्ड 44.56 करोड़ रुपये का तो पोस्टर पेपर 1.7 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया है। इसी अवधि में आयुर्वेदिक दवाएं 3.18 करोड़ रुपये की बाहर भेजी गई हैं, तो 2.76 करोड़ रुपये के उबले चावल का निर्यात किया गया है। इसके अलावा वुड पल्प बोर्ड का निर्यात 3.12 करोड़ रुपये का, तो 3.24 करोड़ रुपये मूल्य की बेकरी मशीनरी बाहर भेजी गयी है। इसके अलावा 2022-23 में रामनगरी से राइस पारब्वायल्ड (एक्सक्लूडिंग बासमती राइस) का 2.76 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन में भी अयोध्या को भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव मिले थे। साथ ही इस शहर में होटल व गेस्ट हाउस बनाने के लिए देश-विदेश की नामी कंपनियों से प्रस्ताव मिले हैं। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अयोध्या में 40 मेगावाट का संयंत्र बीते एक साल में ही बन कर तैयार हुआ है।