प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान : राम समागम में अतिथियों का संगम, चार चार्टर्ड आए, 20 आज आएंगे
अयोध्या में अपनी जन्मभूमि पर रामलला की भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस शुभ अवसर के एक दिन पहले ही अवध ही नहीं, बल्कि पूरा देश राममय हो गया। भीषण सर्दी में भी लोगों में भारी उत्साह बना हुआ है।
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राम भक्तों का 500 साल का इंतजार सोमवार को खत्म होने जा रहा है। अयोध्या में अपनी जन्मभूमि पर रामलला की भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस शुभ अवसर के एक दिन पहले ही अवध ही नहीं, बल्कि पूरा देश राममय हो गया। भीषण सर्दी में भी लोगों में भारी उत्साह बना हुआ है।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का साक्षी बनने जा रहे लोग रविवार को ही अयोध्या पहुंचने लगे। इनमें भारी संख्या में आमंत्रित वीआईपी के अलावा, साधु-संत, कलाकार व श्रद्धालु शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रतिभा पाटिल, पूर्व उपराष्ट्रपति वंेकैया नायडू, मीरा कुमार, सुमित्रा महाजन, मुकेश व नीता अंबानी, लक्ष्मी निवास मित्तल, नुस्ली वाडिया, गौतम अदाणी, आदि गोदरेज, सुधा मूर्ति समेत कई दिग्गज अयोध्या पहुंच गए।
इस पावन अवसर को दुनिया का सबसे भव्य आयोजन बनाने व अतिथियों के स्वागत में लखनऊ से लेकर अयोध्या तक के रास्ते रोशनी से नहा उठे हैं। रामनगरी के सभी मंदिरों के साथ ही प्रतिष्ठान व आम लोगों के घर दुल्हन की तरह सज गए हैं।
4 चार्टर्ड आए, 20 आज आएंगे
अमौसी एयरपोर्ट पर 48 चार्टर्ड विमानों की आवाजाही होनी है। इसमें 24 से आने वाले प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। चार चार्टर्ड रविवार को एयरपोर्ट पहुंचे। शेष सोमवार को पहुंचेंगे। इसके अलावा करीब एक हजार लोग फ्लाइट से आए हैं, जबकि दो हजार लोग ट्रेन और सड़क मार्ग से पहुंचे हैं।
ये पहुंचे
सर संघ चालक मोहन भागवत, विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, श्रीश्री रविशंकर, फिल्म अभिनेता रजनीकांत, आमिर खान, अनुपम खेर समेत कई फिल्मी हस्तियां, खेल जगत से कर्णम मल्लेश्वरी, पीटी ऊषा, बाईचुंग भूटिया, सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले, विराट कोहली, रविन्द्र जडेजा, सायना नेहवाल, मेट्रोमैन श्रीधरन और कैलाश सत्यार्थी समेत कई नामी हस्तियां व देशभर के संत महात्मा रविवार को ही अयोध्या पहुंच गए।
अतिथियों की सुरक्षा में नभ, थल व जल सब अलर्ट
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की प्रतीक्षा अब पूर्ण हो चुकी है। सोमवार को प्रधानमंत्री समेत देश की नामचीन हस्तियां इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही हैं। आयोजन को लेकर सुरक्षा घेरा सख्त किया गया है। थल से लेकर जल व नभ तक अलर्ट जारी है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है।
- एसपीजी, एनएसजी, एटीएस, अर्धसैनिक बलों के हजारों जवान कार्यक्रम स्थल से लेकर समूची रामनगरी में सुरक्षा का जाल बिछा चुके हैं। इनके अलावा 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, 26 कंपनी पीएसी व अन्य एजेंसियों के जवान जगह-जगह तैनात हैं।
- कई जाने-माने चेहरों के साथ डेढ़ सौ के करीब मेहमान रविवार की शाम ट्रस्ट के विशेष आमंत्रण पर अयोध्या राज परिवार के राज सदन पहुंचे। यहां पर राज परिवार की ओर से ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और प्रख्यात संगीत अध्येता यतींद्र मिश्र ने सभी का स्वागत किया। इनको शाही भोज में अवध के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए।
प्रभु राम की नगरी पहुंचे एक लाख से अधिक संत और श्रद्धालु
भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले एक लाख से अधिक संत और श्रद्धालु यहां पहुंच गए। सुरक्षा की तमाम बंदिशें इनकी राह रोक नहीं पाईं। रविवार को रामपथ पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रामनगरी में दिवाली जैसा नजारा है। हर घर, मंदिर और भवन रंग-बिरंगी झालरों से प्रकाशमान हैं। चारों तरफ केसरिया ध्वज लहरा रहे हैं।
रामनगरी में हर कदम पर भक्ति का भाव हिलोरे ले रहा है। अपने आराध्य के आगमन की खुशी का हिस्सा बनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शनिवार की सुबह ही शुरू हो गया था। रविवार को इसमें और तेजी आई। शाम होने तक संख्या एक लाख तक पहुंच गई। ऐसा तब हुआ, जब अयोध्या के लिए ट्रेन, बस और चार पहिया वाहनों का आवागमन पहले से रोक दिया गया है। यह देखकर प्रशासन और पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा कि करें क्या? यह अलग बात रही कि जिम्मेदारों ने धैर्य रखते हुए दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया।
रेत पर उकेरी श्रीराम की सबसे बड़ी आकृति योगी ने ली सेल्फी
दीपोत्सव में अनवरत सात विश्व रिकार्ड के बाद अयोध्या ने एक और कीर्तिमान अपने नाम करने का गौरव हासिल किया है। सुदर्शन पटनायक ने सरयू के तट पर रेतशिल्प से श्रीराम की सबसे बड़ी आकृति उकेरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका अवलोकन कर सेल्फी ली। उन्होंने राज्य ललित कला अकादमी को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया की ओर से श्रीराम के सबसे बड़े रेत शिल्प का सर्टिफिकेट प्रदान किया।