प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान : 110 किलो फल-फूल से अधिवास, 81 कलशों के जल से शुद्ध किया नया मंदिर; जगमग है अयोध्या
गर्भगृह में भगवान के दोनों विग्रहों की फल और फूलों से ढक दिया गया। करीब 60 किलो फूलों से हुए पुष्पाधिवास में कमल, गुलाब, जूही और सेवंती के फूल थे। कमल के फूल बिहार, सेवंती के तमिलनाडु और जूही के कोलकाता से मंगवाए गए थे।
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रामंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़ी पूजा के पांचवें दिन रामलला के नए विग्रह और रजत विग्रह का 110 किलो फल और फूलों से अधिवास हुआ। गर्भगृह में भगवान के दोनों विग्रहों की फल और फूलों से ढक दिया गया। करीब 60 किलो फूलों से हुए पुष्पाधिवास में कमल, गुलाब, जूही और सेवंती के फूल थे। कमल के फूल बिहार, सेवंती के तमिलनाडु और जूही के कोलकाता से मंगवाए गए थे। 50 किलो फलों से फलाधिवास में संतरा, केला, सेब, अनार व अमरूद शामिल थे। मंदिर को 81 कलशों के जल से शुद्ध किया गया। कलश में औषधियां और तीर्थों का जल, वृक्ष के पत्ते, पंच रत्न, नवरत्न थे। इस बीच, पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगा उठी है। हर तरफ रामधुन बज रही है।
शनिवार को वास्तुपूजा में 121 पुजारी- आचार्य शामिल हुए। सुबह भगवान के रजत विग्रह की शोभायात्रा निकाली गई। पं. अनिल दीक्षित के मुताबिक, हर अधिवास के बाद भगवान को परिसर में घुमाया जाता है। चार अधिवास के बाद शनिवार को चार बार परिक्रमा की गई। शुक्रवार को नवग्रह का हवन हुआ था, शनिवार को भगवान राम के मंत्रों के साथ हवन हुआ। हर कुंड में 1008 आहुतियां दी गईं। मंदिर में रामायण और वेदों का पाठ न हुआ। हर दिन आठ घंटे पाठ हो रहा है। सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य आयोजन होगा।
आज नए मंदिर में जाएंगे रामलला विराजमान
रामलला विराजमान को शनिवार को नये मंदिर में नहीं ले जाया गया। उन्हें आज रात नये मंदिर में ले जाया जाएगा, जहां वे शयन करेंगे। सोमवार को उनकी सुबह नए मंदिर में होगी।
पालकी को कंधे पर लेने को आतुर
जय श्रीराम का उद्घोष और कांधे पर रामलला के रजत विग्रह की पालकी। वैदिक ऋचाओं और यज्ञ की अग्नि । आसपास आचार्य-पुजारियों की टोली भाव विभोर होकर झूम रही थी। हर कोई भगवान की पालकी को अपने कंधे पर लेने को आतुर था।
काशी के डोमराजा समेत 15 यजमान
प्राण प्रतिष्ठा में काशी के डोमराजा समेत विभिन्न वर्गों के 15 यजमान सपत्नीक शामिल होंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ध्यान रखा है कि राम के दरबार में पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व हो।
ट्रस्ट के अनुसार, उदयपुर से वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष रामचन्द्र खराड़ी, असम से रामकुई जेमी, जयपुर से गुरुचरण सिंह गिल, हरदोई से कृष्ण मोहन, मुल्तानी से रमेश जैन, तमिलनाडु से अझलारासन, मुंबई से विठ्ठलराव कांबले, घुमंतू समाज के ट्रस्टी महादेव गायकवाड़, रजरप्पा से श्रीलिंगराज वासव, कर्नाटक से कलबुर्गी, लखनऊ से दिलीप वाल्मीकि, वाराणसी से अनिल चौधरी डोमराज, कैलाश यादव, कवीन्द्र प्रताप सिंह तथा पलवल हरियाणा के अरुण चौधरी अनुष्ठान के यजमान होंगे।
चार घंटे रहेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी सोमवार को चार घंटे अयोध्या में रहेंगे। सुबह 10:25 बजे अयोध्या एयरपोर्ट और 10:55 पर राम जन्मभूमि पहुंचेंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद एक बजे प्रस्थान कर सभा को संबोधित करेंगे। 2:10 पर कुबेर टीला के दर्शन कर दिल्ली लौट जाएंगे।