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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Now not in the court of Ramlala, Prasad will be available on the return route.

Ayodhya : अब रामलला के दरबार में नहीं, वापसी मार्ग पर मिलेगा प्रसाद, प्राण प्रतिष्ठा बाद बदलेंगी कुछ परंपराएं

Fri, 05 Jan 2024 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा आदर्श शुक्ल, अयोध्या
आदर्श शुक्ल, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 05 Jan 2024 03:33 AM IST
सार

अभी दर्शन के लिए यहां आने वालों को आराध्य के दरबार में उनके सामने ही पुजारी प्रसाद देते हैं। आने वाले समय में वापसी मार्ग पर भक्तों को प्रसाद दिया जाएगा।

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Now not in the court of Ramlala, Prasad will be available on the return route.
Ram Mandir - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भव्य मंदिर बनने और प्राण प्रतिष्ठा होने के साथ रामजन्मभूमि में दर्शन-पूजन की अब तक की परंपरा में बदलाव होंगे। अभी दर्शन के लिए यहां आने वालों को आराध्य के दरबार में उनके सामने ही पुजारी प्रसाद देते हैं। आने वाले समय में वापसी मार्ग पर भक्तों को प्रसाद दिया जाएगा।

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रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 22 जनवरी के बाद प्रभावी की जाने वाली नई व्यवस्थाओं का खाका खींच रहा है। इसके लिए सभी ट्रस्टियों की राय ली जा चुकी है। जो भी नए प्रबंध प्रभावी किए जाने हैं, उनके केंद्र में दर्शनार्थियों की संख्या में होने वाली बड़ी वृद्धि है।
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ट्रस्ट की मंशा है कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से रोजाना एक लाख से भी अधिक की संख्या में आने वाले भक्तों को सुगमता के साथ रामलला के दर्शन कराए जा सकें। इस दौरान उन्हें किसी भी स्तर पर कोई परेशानी न होने पाए।
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ट्रस्ट की यह भी तैयारी है कि राम मंदिर परिसर के कुबेर टीला में दर्शन के लिए भक्तों को अलग से पास जारी किया जाए। ठीक उसी तरह जैसे इस समय रामलला की आरती के लिए किया जा रहा है। प्रतिदिन पांच हजार लोगों को कुबेर टीला के लिए पास जारी किए जाने पर सहमति बन गई है। इस पास के माध्यम से कुबेर टीला पर जाने वालों को जटायु की मूर्ति के साथ शीर्ष पर स्थित कुबेरेश्वर महादेव के दर्शन भी मिल सकेंगे। 


राम मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालु यहां तक नहीं पहुंच पाएंगे। कुबेर टीला जाने वाले भक्तों को कई और मंदिरों में दर्शन का अवसर मिलेगा। ऐसे श्रद्धालु मुनि अगस्त्य, वशिष्ठ, विश्वामित्र, वाल्मीकि, निषादराज, देवी अहिल्या और माता शबरी को भी नमन कर सकेंगे।

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